बलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला हवेलिया
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पंजाब में नशे को खत्म करने के लिए लड़ रही राज्य सरकार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। राज्य के बॉर्डर एरिया में 1992 से नशा तस्करी में सक्रिय बलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला हवेलिया को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और पंजाब पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन के तहत अमृतसर से गिरफ्तार कर असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार वह पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई का खास है। 2019 में अटारी बॉर्डर से भारत पहुंची 532 किलो हेरोइन व 52 किलो नारकोटिक्स पाउडर तस्करी मामले में बिल्ला का नाम आया था। इसके अलावा इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट के सरगना राजा कंदोला को कोर्ट ने 9 साल कैद व एक लाख रुपए जुर्माना और उसकी पत्नी राजवंत कौर को 3 साल कैद व 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों को पुलिस ने 200 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था।
एसएसपी देहाती चरणजीत सिंह के अनुसार पुलिस व एनसीबी को सूचना मिली थी कि बिल्ला ने पाकिस्तान से ड्रग्स की खेप मंगवाई है। वह गुरदासपुर में छिपा हुआ है और नशे की खेप लेने अमृतसर पहुंचने वाला है। इसी आधार पर ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत ट्रैप लगाकर बिल्ला को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को काफी समय से बिल्ला की तलाश थी क्योंकि वह आईएसआई का खास है और पाकिस्तान से आने वाले नशे व हथियारों की सप्लाई देशभर में करता था। पुलिस ने बताया कि बिल्ला से पूछताछ के बाद प्रदेश में जेल से चल रहे ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिल सकती है।
बिल्ला पर दर्ज हैं दर्जनों केस
एनसीबी ने बताया कि बिल्ला पर एनडीपीसी एक्ट के तहत कुल 10 और 6 मामले हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के दर्ज हैं। 1992 से आरोपी पाकिस्तान के बड़े ड्रग्स तस्करों के साथ संपर्क में है। बिल्ला के जरिये देशभर में फैले ड्रग्स रैकेट को तोड़ने में मदद मिलेगी। इससे पहले बिल्ला को 2022 में अमृतसर एसटीएफ और 2019 में मोहाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।