13 अगस्त से से लापता पांच वर्षीय गोलू की बाजू और टांग कटी लाश कॉलोनी के ही खाली प्लॉट में बंद बोरी में मिलने से सनसनी फैल गई।
इस घटना का खुलासा होने के बाद कॉलोनी वासी एवं बच्चे दहशत में है। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पता चला है कि पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और इनसे पूछताछ की जा रही है।
लाश की हालत खराब होने के कारण उसे पोस्टमार्टम के लिए रोहतक भेजा है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार विकास नगर वासी लगभग 6 वर्षीय गोलू पुत्र शत्रुघ्न गत 13 अगस्त से घर से गायब था।
घटना के बाद बाद गोलू की मां यशोदा ने लाडवा थाने में दी शिकायत में आरोप लगाया था कि पड़ोस के ही एक व्यक्ति ने उनके बच्चे को अगवा करने की धमकी दी थी।
बच्चा 13 अगस्त को स्कूल से आने के बाद से ही गायब था। पुलिस ने बच्चे की मां यशोदा पत्नी शत्रुघ्न की शिकायत पर मामला दर्ज कर किया गया था।
रविवार को सुबह लाडवा थाना पुलिस को सूचना मिली की विकास नगर के एक खाली प्लॉट में बोरी में बंद कर एक बच्चे की लाश है।
यह सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके का जायजा लिया और लाश को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कुरुक्षेत्र स्थित लोकनायक अस्पताल में भेजा, लेकिन लाश की हालत ज्यादा खराब होने के कारण उसे रोहतक पीजीआई भेजा गया है।
इधर, यमुनानगर से आई सीन ऑफ क्राइम की टीम ने मौके का मुआयना किया और यहां से खून से लथपथ एक माचिस व बच्चे के बाल आदि बरामद किए गए हैं।
हत्या या बालक की बलि
विकास नगर वार्ड पांच के लोगों का मानना है कि बच्चे की मौत के पीछे बलि देना भी एक कारण हो सकता है। इन दिनों त्योहार चल रहे हैं और तांत्रिक ऐसे मौकों पर सिद्धि प्रप्ति के लिए बलि देते है।
बहरहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है कि हत्या के पीछे क्या कारण रहे और हत्याकांड में कौन-कौन शामिल हैं।
पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो बच जाता गोलू
मृत मिले बच्चे की मां यशोदा का कहना है कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो उनके लाडले की जान बच सकती थी।
उन्होंने बताया कि 13 अगस्त को बच्चे के अगवा करने की शिकायत पुलिस को दी थी। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई में कोई रुचि नहीं दिखाई। अब जब बच्चे की जान चली गई है तो पुलिस कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने बच्चे को ढूंढने के कोई प्रयास नहीं किए। वारदात के बाद गोलू के माता-पिता पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इकलौता पुत्र गोलू नर्सरी का छात्र था
पिता शत्रुघ्न के अनुसार उनके पड़ोस में रहने वाले काला नाम के एक शख्स के घर बिहार वासी रणजीत नाम का व्यक्ति रहता है।
कुछ दिन पहले रणजीत के साथ किसी बात को लेकर झड़प हुई थी। जिसके कारण काला ने भी अपने किराएदार का पक्ष लेते हुए बच्चों को अगवा करने की धमकी दी थी।
इसके बाद 13 अगस्त को उनका बच्चा लापता हो गया और रविवार को सुबह बच्चे लाश बंद बोरी में मिली। गोलू शत्रुघ्न का इकलौता पुत्र था। घटना के बाद परिजनों और गोली की बहन अंजली का रो-रोकर बुराहाल है। गोलू लाडवा में नर्सरी कक्षा का छात्र था।