हरियाणा के चर्चित बीज खरीद घोटाले को लेकर आईएएस अशोक खेमका ने सीबीआई पर निशाना साधा है। खेमका ने ट्वीट कर लिखा है कि 5 साल बीत जाने के बाद भी बीज घोटाले मामले की जांच अभी तक लटकी हुई हुई है। यह या तो अधिकारियों के योग्य न होने का नतीजा है या फिर कोई ऐसा बाहरी कारण है जो जांच को प्रभावित कर रहा है। जिसके चलते मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है।
हैरत की बात यह है कि सीबीआई ही इस मामले की जांच कर रही है। जिसे नीरव मोदी और विजय माल्या को पकड़ने जैसे अहम मामले सौपे गए हैं। अब खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह जांच अधिकारियों की अयोग्यता है या कोई और कारण। खेमका ने अपने ट्वीट को पीएमओ व वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी टैग किया है।
यह है मामला
हरियाणा बीज विकास निगम ने नवंबर, 2010 में एक लाख क्विंटल गेहूं बीज एनसीसीएफ और नैफेड के जरिए खरीदा था। इसमें से 10000 क्विंटल बीज नैफेड ने निगम को बेचा था जबकि शेष एनसीसीएफ ने। सीनियर आईएएस डॉ. अशोक खेमका ने इस बीज खरीद में पांच करोड़ रुपये की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के पांच करोड़ रुपये की सब्सिडी के घपले की शिकायत सीबीआई से कर रखी है।
वहीं, खेमका के आरोपों पर नैफेड ने जांच की। जांच में नैफेड के एक मैनेजर और बीज विकास निगम के अफसरों की मिलीभगत बताई। हरियाणा सरकार ने इस जांच रिपोर्ट को गलत करार दिया और सरकार की तरफ से आपत्ति दर्ज कराई है।