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फरमानः अधिकारी-कर्मचारी बताएंगे ससुराल से मिली धन-दौलत, ऑनलाइन होगी जानकारी

Wed, 27 Jun 2018 09:52 AM IST
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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हरियाणा सरकार ने बेनामी संपत्ति अर्जित करने वालों पर शिकंजा कसने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से चल-अचल संपत्ति का ब्योरा तो पहले ही मांगा जा चुका है, अब अफसरों व कर्मियों को यह भी बताना होगा कि शादी के समय ससुराल पक्ष की ओर से किसी भी तरह, किसी के भी नाम या कैसे भी कितनी धन-दौलत दी गई है।
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अभी तक सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से ससुराल से मिली संपत्ति का ब्योरा नहीं देना होता था। बीते वर्ष 22 फरवरी को सरकार ने यह व्यवस्था लागू की थी कि जो भी अविवाहित कर्मचारी सरकारी सेवा में आएगा, वह शादी के समय दहेजी विरोधी कानून का सख्ती से पालन करने का शपथ पत्र देगा। साथ ही शादी के बाद उसे यह भी बताना होगा कि उसे ससुराल पक्ष की ओर से क्या-क्या और कितना मिला है।

अब सरकार ने इस मामले की समीक्षा करते हुए विचार-विमर्श के बाद सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से यह जानकारी लेने का फैसला किया है। सभी को हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम, 2016 के नियम 18(2) का पालन करते हुए पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। साथ ही शपथ पत्र में ससुराल से मिली धन-दौलत का ब्योरा देना होगा।
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मुख्य सचिव कार्यायल ने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही आदेश दिया है कि जल्दी से जल्दी जानकारी हासिल कर संबंधित विभाग इसे अपने कंट्रोलिंग ऑफिस, खजाना अधिकारियों के माध्यम से मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) पर अपलोड कराएं। जानकारी न सौंपने वालों पर सरकार सर्विस रूल्स के मुताबिक निर्णय लेगी।

33 आईएएस-आईपीएस के मामले में फैसला सुरक्षित
हरियाणा के 33 आईएएस और आईपीएस अधिकारी अपनी संपत्ति सार्वजनिक न करने पर अड़े हुए हैं। 9 वर्ष पुराने मामले की मंगलवार को राज्य सूचना आयुक्त योगेंद्र पाल गुप्ता व हेमंत अत्री की डिवीजन बेंच ने अंतिम सुनवाई की। उन्होंने फैसले को सुरक्षित रख लिया है। आयोग किसी भी समय अपना निर्णय सुना सकता है।

मंगलवार को आयोग में कार्मिक विभाग के अवर सचिव, डीजीपी कार्यालय के अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय के एसपी (कानून व्यवस्था)  व अपीलकर्ता पीपी कपूर पेश हुए। मामला आईएएस सुप्रभा दहिया, विजय दहिया, अशोक लवासा, डॉक्टर चंद्रशेखर, सुनील गुलाटी, वीएस कुंडू सहित कुल 33 आईएएस के अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक न करने से जुड़ा हुआ है। 
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