भ्रष्टाचार और सरकारी कार्यों में हीलाहवाली की शिकायतों पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट़्टर रविवार को जींद में खासे सख्त नजर आए। उन्होंने एक पटवारी सहित सात अधिकारियों पर सखत कार्रवाई के आदेश दिए।
उन्होंने ड्यूटी में कोताही बरतने पर नरवाना के नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया जबकि जींद के नायब तहसीलदार और सफीदों के बीडीपीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जींद के तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद, सफीदों के तहसीलदार रोशनलाल, सफीदों के तत्कालीन तहसीलदार राजकुमार बोहरिया की पॉवर छीनने और मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
सफीदों के एक पटवारी पर गिरदावरी करने की एवज में रिश्वत मांगने पर कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह आदेश गांव धड़ौली की गोशाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार सहन नहीं करेगी और इसके लिए कितना भी बड़ा कठोर कदम क्यों न उठाना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके सामने जींद के कुछ अधिकारियों का भ्रष्टाचार और गिरदावरी में रुपये मांगने का मामला सामने आया है।
सफीदों के तहसीलदार रोशनलाल और पटवारी संजय के खिलाफ गिरदावरी में रिश्वत मांगने, भ्रष्टाचार और जींद के तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ रजिस्टरी में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। सफीदों के तहसीलदार रोशनलाल, पटवारी संजय और जींद के तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद की पॉवर छीनकर उसकी विजिलेंस की जांच करवाई जाएगी।
सफीदों के तत्कालीन तहसीलदार राजकुमार बोहरिया के ऊपर भी रजिस्टरी करने में भ्रष्टाचार के आरोप हैं। रजिस्टरी में फर्जीवाड़ा करके भ्रष्टाचार के आरोप के चलते जींद के नायब तहसीलदार लखवीर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
नरवाना के तहसीलदार विजय मोहन को ड्यूटी में कोताही बरतने के चलते निलंबित किया गया है। सफीदों के बीडीपीओ रामदत्त शर्मा पर 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने पर एफआईआर दर्ज करने और विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं।
भ्रष्टाचार न करने की शपथ दिलाई
इस दौरान उन्होंने स्टेज पर मौजूद कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, सांसद रमेश कौशिक, विधायक जसबीर देशवाल तथा डीसी अजित बालाजी जोशी तथा एसपी अभिषेक जोरवाल को भी भ्रष्टाचार नहीं करने के शपथ दिलाई।