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पंजाब के मोगा में तीन जगह फहराया गया आपत्तिजनक झंडा, दो मामलों में दर्ज नहीं हुआ केस

Mon, 17 Aug 2020 10:12 AM IST
खुशबू गोयल रोहित शर्मा, मोगा(पंजाब)

सार

  • केसरी झंडे का हवाला देकर मोगा पुलिस ने दर्ज नहीं किया केस
  • गांव ढुडीके के गुरुद्वारा साहिब में लगाया खालिस्तान लिखा झंडा
  • सीआईडी की रिपोर्ट, मोगा में खालिस्तान मूवमेंट के तहत घटनाएं
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केसरी झंडा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निहालसिंह वाला के गांव मानूके गिल में शनिवार सुबह अज्ञात लोगों ने गांव के पंचायत घर की छत पर केसरी रंग का खंडा प्रकाशित झंडा लगा दिया। सूचना मिलने पर डीएसपी निहालसिंह वाला पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और झंडे को वहां से उतार दिया। ग्रामीणों का तर्क था कि केसरी रंग का झंडा तो कोई भी व्यक्ति अपने घर पर लगा सकता है।
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पुलिस ने अपनी जांच और हालात को मद्देनजर रखते उक्त मामले में कोई भी केस दर्ज नही किया। इसके बाद शनिवार रात को भी कोई अज्ञात मोगा से आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव डगरू में निर्माणाधीन पुल पर केसरी रंग का खंडा प्रकाशित झंडा लगा गया। एएसआई की टीम को झंडा उतारने के लिए मौके पर भेज दिया गया।

इस मामले में भी मोगा पुलिस द्वारा किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया। तीसरी अन्य घटना गांव ढुडीके में घटी। यह गांव शहीद लाला लाजपत राय जी की जन्मभूमि है। गांव में बने एक गुरुद्वारा साहिब श्री डेरा बाबा भगत राम जी में 15 अगस्त के उपलक्ष्य में गांव की पंचायत व पीएनबी बैंक के स्टाफ द्वारा तिरंगा झंडा फहराया गया, लेकिन गांव के ही कुछ लोगों ने इसका विरोध किया।
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इसके बाद रात में अज्ञात लोगों ने तिरंगा उतारकर खालिस्तान शब्द लिखा केसरी झंडा लगा दिया।

खालिस्तानी मूवमेंट के तहत हुई घटनाएं

सूत्रों के अनुसार बेशक मोगा पुलिस गांव मानूके गिल और गांव डमरू स्थित निर्माणधीन पुल पर केसरी झंडे लगाने के मामले को खालिस्तानी मूवमेंट से नहीं जोड़ रही, लेकिन सीआईडी की ओर से पंजाब सरकार को भेजी जा रही रिपोर्ट में दर्शाया जा रहा है कि मोगा में खालिस्तानी मूवमेंट अव्वल दर्जे पर हो रही है। आतंकी पन्नू की घोषणा के बाद ही मोगा में उक्त घटनाएं घटित होना शुरू हुई हैं।

श्री अकाल तख्त जाकर माफी मांगेंगे सरपंच
गांव ढुडीके में बने गुरुद्वारा श्री डेरा बाबा भगत राम जी के परिसर में ही पीएनबी की ब्रांच बनी हुई है। 15 अगस्त के दिन बैंक स्टाफ और गांव के सरपंच जसवीर सिंह ने गुरुद्वारा परिसर व बैंक के मुख्य द्वार के बिल्कुल सामने तिरंगा फहराकर आजादी दिवस मनाया। इसके बाद गांव के ही कुछ रसूखदार व अन्य लोगों के विरोध के बाद तिरंगा वहां से उतार दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों के दबाव में आकर सरपंच जसवीर सिंह ने यहां तक घोषणा कर दी थी कि वह कल ही श्री अकाल तख्त साहिब जाकर माफी मांगेंगे कि उन्होंने गुरुद्वारा परिसार में तिरंगा फहराया।

पंचायत ने लिया दो दिन का समय
डीएसपी निहालसिंह वाला मनमोहन सिंह औलख का कहना है कि गांव मानूके गिल में और गांव डगरू के पुल पर तो सिर्फ केसरी रंग का झंडा ही लगाया गया था। यह आपत्तिजनक नहीं है। तीसरे मामले में गांव ढुडीके के गुरुद्वारा साहिब में खालिस्तान लिखा झंडा लगाने के मामले की जांच की जा रही है। गांव की पंचायत ने पुलिस से दो दिन का समय मांगा है। गांव के सरपंच की मौजूदगी में पहले गुरुद्वारा साहिब में तिरंगा फहराया गया और फिर बाद में घटना हुई। डीएसपी के अनुसार मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सुराग जुटाए जा रहे हैं।
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ममदोट के पशु अस्पताल भी फहराया आपत्तिजनक झंडा

फिरोजपुर। स्वतंत्रता दिवस के दिन ममदोट के पशु अस्पताल की इमारत पर किसी शरारती तत्व ने आपत्तिजनक झंडा फहराया। उक्त झंडे के फहराते देख पुलिस प्रशासन में अफरातफरी मच गई। अस्पताल की इमारत से झंडे को उतारा गया। पुलिस झंडे फहराने वाले व्यक्ति की तलाश में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

बाबा बकाला में भी लगाया आपत्तिजनक झंडा
अमृतसर।
बाबा बकाला में भी आजादी दिवस पर आपत्तिजनक झंडा लहराया गया। बाबा बकाला में स्थित लाजवंत वोहरा दुकान के बाहर इस झंडे को लहराया। सूचना मिलते ही बाबा बकाला पुलिस चौकी की पुलिस वहां पहुंची और झंडे को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। दुकान के मालिक वोहरा ने बताया कि आजादी दिवस के कारण उनकी दुकान बंद थी। उन्हें इस बात की जानकारी किसी ने टेलीफोन पर दी। दुकान पर पहुंच कर उन्होंने झंडा देखा तो पुलिस को सूचना दी।
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