हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से सवाल दागते हुए केजरीवाल ने कहा कि हम पिछले एक साल से दिल्ली के प्रदूषण पर काम कर रहे हैं। सालभर प्रदूषण का स्तर 150 से 200 प्वाइंट के बीच रहता है, लेकिन अचानक 25 अक्तूबर के बाद प्रदूषण का स्तर 400 प्वाइंट तक छूने लगता है और 20 नवंबर तक ऐसे ही हालात रहते हैं। केजरीवाल ने कहा कि दोनों मुख्यमंत्री ये बता दें कि आखिरकार इन दिनों में दिल्ली में ऐसा क्या हो जाता है कि प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यह प्रदूषण ट्रैफिक या उद्योगों का नहीं, बल्कि इस दौरान जलने वाली इस पराली का होता है।
एसवाईएल पर ‘आप’ का दामन बचाया, भाजपा-कांग्रेस को घेरा
केजरीवाल ने कहा कि हमने कभी पंजाब में ऐसा नहीं कहा कि एसवाईएल का पानी हरियाणा को नहीं देंगे। यह मुद्दा ऐसा है जो या तो मिल-बैठकर आपसी सहमति से निपट सकता है, या फिर सुप्रीम कोर्ट ही संविधान के मुताबिक इसे निपटा सकता है। आम आदमी पार्टी तो अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रही है। मगर वे प्रधानमंत्री से पूछना चाहते हैं कि जब पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार थी और अब हरियाणा व केंद्र में भी भाजपा सरकार है, तब वे यह मसला क्यों हल नहीं करवा पाए।