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एयर इंडिया ने बंद की उड़ान, हाईकोर्ट ने कहा- जनता के पसीने का लगा है पैसा, बर्बाद नहीं होने देंगे

Fri, 02 Nov 2018 12:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
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एयर इंडिया द्वारा चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि एक ओर शहर में आकर केंद्रीय मंत्री चंडीगढ़ एयरपोर्ट को एविएशन हब बनाने की बात कर रहे हैं और दूसरी ओर नेशनल कैरियर एयर इंडिया यहां से उड़ाने बंद कर रहा है।

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सुनवाई आरंभ होते ही एयर इंडिया की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कोर्ट में पेश हुईं। हाईकोर्ट ने पूछा कि आखिर क्यों चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान बंद की गईं। इस पर उन्होंने बताया कि हज के कारण उड़ान वापस ली गई थीं। इस पर कोर्ट ने पूछा कि हज का समय पूरा हो गया है तो इसे दोबारा क्यों नहीं शुरू किया। इस पर एयर इंडिया ने बताया कि इंटरनेशनल उड़ान से एयर इंडिया को करीब 15 करोड़ का घाटा हुआ था इसलिए इसे शुरू नहीं कर रहे। 

हाईकोर्ट ने कहा कि एयर इंडिया हाईकोर्ट की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रहा है क्योंकि हज का बहाना बनाकर फ्लाइट बंद की गई थी तब क्या घाटा नहीं दिखाई दे रहा था। हाईकोर्ट ने कहा कि एयर इंडिया नेशनल कैरियर है और जनता का पैसा लगा है। इसे घाटे में उड़ान शुरू करने के लिए हम दबाव नहीं डालेंगे। लेकिन इस एयरपोर्ट में भी तो जनता के गाढ़े पसीने की कमाई से दिया गया टैक्स लगा है। 

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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
आम लोगों से जोड़े गए 1600 करोड़ से बने इस एयरपोर्ट को ऐसे बर्बाद होने नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि आपको मालूम है कितने लोगों की भूमि का अधिग्रहण इस एयरपोर्ट के लिए किया गया और कितना पैसा खर्च हुआ है। यह पैसा पेड़ पर नहीं उगता यह हमारे गाढ़े पसीने की कमाई में से दिया गया टैक्स है। इसी दौरान कोर्ट को बताया गया कि पहले एयर इंडिया की सप्ताह में 3 अंतरराष्ट्रीय उड़ान थी जिसे पांच करने की उन्होंने अपील की थी और अब अचानक उन्हें घाटा दिखाई देने लगा। 

कोर्ट ने इस पर कहा कि वे इस मामले में दबाव नहीं डालना चाहते, लेकिन अब वे उड़ान शुरू करने का मुद्दा एयर इंडिया पर छोड़ रहे हैं। अब एयर इंडिया खुद ही विचार कर कोर्ट को बताए कि कैसे उड़ानें शुरू की जा सकती हैं और कहां के लिए जिससे उनको घाटा भी न हो और एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या भी बढ़ जाए।

चंडीगढ़ सेंटर में, फिर भी उपेक्षा
हाईकोर्ट ने कहा कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल और जम्मू के लोगों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। क्योंकि दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ को पार करके जाना होता है और कोई भी यह नहीं चाहता की सड़क का लंबा सफर करके दिल्ली जाए। ऐसे में एमिकस क्यूरी की अध्यक्षता में सभी भागीदार और बड़ी एयरलाईंस मीटिंग कर अप्रैल से जब एयरपोर्ट 24 घंटे ऑपरेशनल हो जाएगा। उसके बाद उनकी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की योजना पर चर्चा करें।
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किसी भी तरह काम पूरा करो

Chandigarh International Airport - फोटो : अमर उजाला
एयरपोर्ट को 31 अप्रैल तक 24 घंटे ऑपरेशनल करने के लिए जिस कंपनी को ठेका दिया गया उसने काम पूरा करने की समय सीमा को बढ़ाने की अपील की। इस पर हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी स्थिति में काम 31 मार्च तक पूरा होना चाहिए। इसके लिए विपरीत परिस्थितियां हों तो भी काम हो और फिर भी समय कम पड़ता हो तो 24 घंटे में 36 घंटे काम करके इसे पूरा किया जाए।

कैट 3 के लिए टाटा से चल रही है बात
एयरपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए इसमें कैट 3 लगाने के मुद्दे पर जवाब देते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि कैट 3 लगाने के लिए टाटा कंपनी से बात चल रही है और नेगोसिएशन जारी है। वहीं पैरलल टैक्सी ट्रैक के निर्माण के लिए 30 नवंबर तक टेंडर जारी कर दिया जाएगा। 

एमसी जीरकपुर ने वापस लिए नोटिस, गमाडा ने गिराए अवैध निर्माण
एयरपोर्ट के नजदीक मौजूद अवैध निर्माण मामले में एमसी जीरकपुर ने बताया कि उनके द्वारा जारी किए गए नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। अब उन्होंने इन सभी नोटिस को वापस ले लिया है और नए सिरे से नोटिस जारी कर रहे हैं। जिसमें लोगों को पर्याप्त मौका दिया जाएगा। वहीं गमाडा ने बताया कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले 91 अवैध निर्माण गिरा दिए गए हैं।

चंडीगढ़ कर रहा है कैट 3 के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई
यूटी प्रशासन ने बताया कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाली भूमि जिसका कैट 3 इंस्टालेशन के लिए अधिग्रहण किया जाना है उसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन तैयार कर ली गई है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन के हलफनामे पर कहा कि वे अधिग्रहण की प्रक्रिया को जारी रखें और कानून के अनुरूप उचित प्रक्रिया का इस्तेमाल कर भूमि अधिग्रहीत करें।
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