आम लोगों से जोड़े गए 1600 करोड़ से बने इस एयरपोर्ट को ऐसे बर्बाद होने नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि आपको मालूम है कितने लोगों की भूमि का अधिग्रहण इस एयरपोर्ट के लिए किया गया और कितना पैसा खर्च हुआ है। यह पैसा पेड़ पर नहीं उगता यह हमारे गाढ़े पसीने की कमाई में से दिया गया टैक्स है। इसी दौरान कोर्ट को बताया गया कि पहले एयर इंडिया की सप्ताह में 3 अंतरराष्ट्रीय उड़ान थी जिसे पांच करने की उन्होंने अपील की थी और अब अचानक उन्हें घाटा दिखाई देने लगा।
कोर्ट ने इस पर कहा कि वे इस मामले में दबाव नहीं डालना चाहते, लेकिन अब वे उड़ान शुरू करने का मुद्दा एयर इंडिया पर छोड़ रहे हैं। अब एयर इंडिया खुद ही विचार कर कोर्ट को बताए कि कैसे उड़ानें शुरू की जा सकती हैं और कहां के लिए जिससे उनको घाटा भी न हो और एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या भी बढ़ जाए।
चंडीगढ़ सेंटर में, फिर भी उपेक्षा
हाईकोर्ट ने कहा कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल और जम्मू के लोगों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। क्योंकि दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ को पार करके जाना होता है और कोई भी यह नहीं चाहता की सड़क का लंबा सफर करके दिल्ली जाए। ऐसे में एमिकस क्यूरी की अध्यक्षता में सभी भागीदार और बड़ी एयरलाईंस मीटिंग कर अप्रैल से जब एयरपोर्ट 24 घंटे ऑपरेशनल हो जाएगा। उसके बाद उनकी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की योजना पर चर्चा करें।
Chandigarh International Airport
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एयरपोर्ट को 31 अप्रैल तक 24 घंटे ऑपरेशनल करने के लिए जिस कंपनी को ठेका दिया गया उसने काम पूरा करने की समय सीमा को बढ़ाने की अपील की। इस पर हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी स्थिति में काम 31 मार्च तक पूरा होना चाहिए। इसके लिए विपरीत परिस्थितियां हों तो भी काम हो और फिर भी समय कम पड़ता हो तो 24 घंटे में 36 घंटे काम करके इसे पूरा किया जाए।
कैट 3 के लिए टाटा से चल रही है बात
एयरपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए इसमें कैट 3 लगाने के मुद्दे पर जवाब देते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि कैट 3 लगाने के लिए टाटा कंपनी से बात चल रही है और नेगोसिएशन जारी है। वहीं पैरलल टैक्सी ट्रैक के निर्माण के लिए 30 नवंबर तक टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
एमसी जीरकपुर ने वापस लिए नोटिस, गमाडा ने गिराए अवैध निर्माण
एयरपोर्ट के नजदीक मौजूद अवैध निर्माण मामले में एमसी जीरकपुर ने बताया कि उनके द्वारा जारी किए गए नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। अब उन्होंने इन सभी नोटिस को वापस ले लिया है और नए सिरे से नोटिस जारी कर रहे हैं। जिसमें लोगों को पर्याप्त मौका दिया जाएगा। वहीं गमाडा ने बताया कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले 91 अवैध निर्माण गिरा दिए गए हैं।
चंडीगढ़ कर रहा है कैट 3 के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई
यूटी प्रशासन ने बताया कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाली भूमि जिसका कैट 3 इंस्टालेशन के लिए अधिग्रहण किया जाना है उसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन तैयार कर ली गई है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन के हलफनामे पर कहा कि वे अधिग्रहण की प्रक्रिया को जारी रखें और कानून के अनुरूप उचित प्रक्रिया का इस्तेमाल कर भूमि अधिग्रहीत करें।