पंजाब सरकार ने स्थानीय निकाय चुनाव का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने वाली आम आदमी पार्टी पंजाब के निकाय चुनाव को लेकर असमंजस में है। अभी तक प्रदेश नेतृत्व तय नहीं कर पाया है कि चुनाव लड़ना है या नहीं। न ही बुधवार शाम तक हाईकमान ने इस बारे में कोई स्पष्ट निर्देश दिया है।
आम आदमी पार्टी में दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर असमंजस बना हुआ है। फिलहाल पूरी पार्टी का फोकस दिल्ली ही है। क्योंकि वहां पार्टी की अस्तित्व की लड़ाई है। वहां पार्टी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। पंजाब की नजरें भी दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा पर लगी हैं। पंजाब सरकार ने निकाय चुनाव 20 व 25 फरवरी को कराने का नोटिफिकेशन जारी किया है।
दिल्ली के चुनाव साथ हुए तो पंजाब में पीछे हट सकती है आप
दिल्ली विधानसभा चुनाव भी इसी दौरान होने की उम्मीद है। अगर ऐसा हुआ तो पार्टी पंजाब में निकाय चुनाव से पीछे हट सकती है। क्योंकि पंजाब के नेताओं व वर्करों को दिल्ली में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
हालांकि, पार्टी ने अपनी चुनावी कसरत तेज कर दी है। सभी जिलों में चुनाव को लेकर ऑब्जर्वर नियुक्त किए जा चुके हैं, जिन्होंने विधानसभा हलका-वार बैठकें भी की हैं।
पहले चरण की बैठकों में सभी जगह वर्करों का कहना था कि चुनाव लड़ने चाहिए। तो वर्करों को कहा गया था कि वे वार्डों में जाकर लोगों की राय लें। लोगों की ओर से भी यही फीडबैक आया है कि आप को चुनाव लड़ना चाहिए। वर्करों का कहना है कि चुनाव लड़ने से ही पता चलेगा कि पार्टी की स्थिति क्या है। पर चुनाव को लेकर नेतृत्व अभी फैसला नहीं ले सका है।
उप चुनाव में गिरा था ग्राफ
आम आदमी पार्टी ने अप्रैल में हुए लोकसभा चुनाव में दमदार प्रदर्शन किया था। अकाली दल के बराबर सर्वाधिक चार सांसद जीते थे। पार्टी ने अच्छा-खासा वोट प्रतिशत हासिल किया था, लेकिन छह महीने बाद हुए पटियाला व तलवंडी साबो के उपचुनाव में आप का ग्राफ बुरी तरह गिरा था। दोनों जगह पार्टी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 5 से 10 फरवरी के बीच होने की उम्मीद है। फिर पंजाब में निकाय चुनाव लड़ेंगे। अगर दिल्ली के चुनाव, निकाय चुनाव के साथ हुए तो पुनर्विचार किया जाएगा। फिलहाल पार्टी पूरी तरह चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
-सुच्चा सिंह छोटेपुर, प्रदेश कन्वीनर, आम आदमी पार्टी