बहुचर्चित कठुआ गैंगरेप केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पठानकोट सेशन कोर्ट में वीरवार से सुनवाई शुरू हो गई। इसके चलते पठानकोट कोर्ट में पुलिस द्वारा पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. तेजविंदर सिंह की अदालत में पेश किया गया।
इससे पहले न्यायाधीश डॉ. तेजविंदर सिंह अदालत में पहुंचे और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। आरोपियों को कठुआ से एक बस में कोर्ट परिसर लाया गया। इस दौरान कोई बवाल न हो, इसके लिए कोर्ट के अंदर विभिन्न मामलों के लिए आने वाले लोगों के लिए अलग से रास्ता बनाया गया था।
गौरतलब है कि पठानकोट में इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा। केस से संबंधित कुल 221 गवाहों की गवाही ली जानी है। सुनवाई के दौरान आरोपियों को पेश किए जाने के बाद दोनों तरफ के वकीलों ने अपनी दलीलें कोर्ट के सामने पेश की।
इस दौरान आरोपियों के वकील ने कहा कि पीड़ित परिवार को भी मामले की सुनवाई के दौरान पेश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोर्ट में दिए गए दस्तावेज उर्दू में होने के कारण उन्हें काफी परेशानी आ रही है। उन्होंने इसे समझने के लिए कुछ दिनों की मोहलत मांगी। इसके चलते अगली सुनवाई की तारीख चार जून तय की गई है।
कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी आरोपियों को रोजाना कोर्ट में अपनी हाजिरी देनी होगी। इस दौरान सरकारी वकील ने अपील की कि मामले की सुनवाई तक आरोपियों को पठानकोट सब जेल में ही शिफ्ट कर दिया जाए, क्योंकि रोजाना इतनी दूर से पठानकोट कोर्ट में पेश होने के चलते सुरक्षा का काफी बंदोबस्त करना पड़ सकता है। इस अपील को जज ने नोट कर लिया।