बहुचर्चित कठुआ कांड मामले की सुनवाई के आठवें दिन शुक्रवार को 17 गवाह कोर्ट के समन के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए। सभी के बयान दर्ज किए जाने थे। गवाहों को लाने की जिम्मेदारी अभियोजन पक्ष की थी। मामले की पैरवी करने वाले वकील पहुंचे गए थे, लेकिन गवाह नदारद थे।
इस पर अदालत ने एसएसपी क्राइम ब्रांच जम्मू को कहा कि वह खुद 11 तारीख को अदालत में पेश होकर बताएं कि कोई भी गवाह क्यों पेश नहीं हुआ। वहीं दूसरी ओर इस बारे में डीजीपी जम्मू-कश्मीर को भी अवगत करवाने के लिए कहा गया है। इस केस में कुल 221 गवाह हैं, जिनकी नियमित रुप से गवाही दर्ज की जाएगी।
यह जानकारी अभियोजन पक्ष के वकील एके साहनी ने दी। उन्होंने बताया कि अदालत ने यह भी आदेश जारी किया है कि अब केस की सुनवाई दोपहर डेढ़ बजे के बजाय सुबह 11 बजे से हुआ करेगी। नियमित अदालती प्रक्रिया के दौरान मामले में नामजद सभी आरोपियों को शुक्रवार को भी कड़े पहरे में अदालत लाया गया।
इनमें एसपीओ सुरेंद्र कुमार, एसपीओ दीपक खजूरिया, सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, सांझी राम, सांझी राम का बेटा विशाल, कांस्टेबल तिलक राज और प्रवेश कुमार उर्फ मन्नू शामिल है। इन सभी पर सबूत मिटाने और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज है। गौरतलब है कि कठुआ कांड में आठ आरोपियों में से एक आरोपी ने नाबालिग होने का दावा करते हुए अर्जी अदालत में लगा दी है। अदालत ने इस पर कार्रवाई करते हुए आगे इंक्वायरी मार्क कर दी है।