अहरार संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पंजाब के इमाम हबीब उर रहमान ने कहा कि कश्मीर में पंडितों के लिए अलग टाउनशिप की बात तो सपने में भी नहीं सोची जानी चाहिए, क्योंकि कश्मीर में सभी को एक साथ रहने का हक है। वे कैंट की जामा मस्जिद में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में अलग टाउनशिप बनाने की जो बात की जा रही है, वह इंसानियत के खिलाफ है। इस्लाम ने हमेशा ही अपने संगी साथियों की हिफाजत की बात की है, तो कैसे कश्मीर से विस्थापित हिंदुओं को अपने से अलग किया जा सकता है। जो लोग ऐसा कहते हैं, वे इस्लाम की शिक्षाओं पर नहीं चलते।
मसरत आलम को रिहा करने के मामले में उन्होंने कहा कि यह सब राजनीति हो रही है। कश्मीर में सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद के बारे में भाजपा सब कुछ जानती है, फिर ऐसी क्या मजबूरी है कि भाजपा मुफ्ती का साथ नहीं छोड़ रही है।
उन्होंने विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया को नसीहत देते हुए कहा कि वे इतिहास को पढ़ें, ताकि उनको पता चल सके कि देश की आजादी के लिए मुसलमानों ने भी हिंदुओं सहित अन्य के साथ मिलकर शहादत हासिल की है।