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'कश्मीर में अलग टाउनशिप इंसानियत के खिलाफ'

Sat, 18 Apr 2015 08:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट(हरियाणा)
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अहरार संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पंजाब के इमाम हबीब उर रहमान ने कहा कि कश्मीर में पंडितों के लिए अलग टाउनशिप की बात तो सपने में भी नहीं सोची जानी चाहिए, क्योंकि कश्मीर में सभी को एक साथ रहने का हक है। वे कैंट की जामा मस्जिद में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि कश्मीर में अलग टाउनशिप बनाने की जो बात की जा रही है, वह इंसानियत के खिलाफ है। इस्लाम ने हमेशा ही अपने संगी साथियों की हिफाजत की बात की है, तो कैसे कश्मीर से विस्थापित हिंदुओं को अपने से अलग किया जा सकता है। जो लोग ऐसा कहते हैं, वे इस्लाम की शिक्षाओं पर नहीं चलते।

मसरत आलम को रिहा करने के मामले में उन्होंने कहा कि यह सब राजनीति हो रही है। कश्मीर में सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद के बारे में भाजपा सब कुछ जानती है, फिर ऐसी क्या मजबूरी है कि भाजपा मुफ्ती का साथ नहीं छोड़ रही है।
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उन्होंने विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया को नसीहत देते हुए कहा कि वे इतिहास को पढ़ें, ताकि उनको पता चल सके कि देश की आजादी के लिए मुसलमानों ने भी हिंदुओं सहित अन्य के साथ मिलकर शहादत हासिल की है।
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'साजिश के तहत हिंदू मुसलमानों में खाई बढ़ाई जा रही है'

भगत सिंह और उनके परिवार को इमाम हबीब उर रहमान के बुजुर्गों ने जंग-ए-आजादी के दौरान अपने घर छिपाकर रखा था। उन्होंने कहा कि एक सोची समझी साजिश के तहत हिंदू मुसलमानों में खाई बढ़ाई जा रही है, जिसका फायदा बाहरी देश उठा रहे हैं।

आधुनिक शिक्षा पर जोर दे सरकार
पंजाब के इमाम हबीब उर रहमान ने कहा कि सरकार मदरसों की स्थिति को सुधारने के लिए काम करे। इन मदरसों में दसवीं कक्षा तक उर्दू व अरबी भाषा की किताबें लगाई जाएं, जबकि आधुनिक शिक्षा पर भी जोर दिया जाए। इसके लिए वक्फ बोर्ड को भी आगे आना होगा।

वक्फ संपत्तियों से कब्जे हटवाए जाएं
उन्होंने कहा कि हरियाणा व पंजाब ही नहीं कई अन्य राज्यों में भी वक्फ संपत्तियों पर कब्जे किए गए हैं। पहले सरकार ने कुछ व्यवस्थाएं की थी ताकि ऐसे मामले निपटाए जाएं, लेकिन यह व्यवस्थाएं कारगर साबित नहीं हुईं। सरकार जल्द से जल्द इन संपत्तियों से कब्जे हटवाए या फिर जो इन पर काबिज हैं, वे वर्तमान समय के हिसाब से रेंट दें। वक्फ कानून में भी नया एक्ट लागू किया जाए।
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