जम्मू कश्मीर पर केंद्र सरकार के बड़े फैसले ने कश्मीरी पंडितों को एक नई ऊर्जा दी गई है। श्रीनगर को छोड़ने की टीस अब तक इन कश्मीरी पंडितों में है। क्या करते वह वक्त था और अब मोदी सरकार में यह भी एक वक्त है।
कश्मीर पंडितों का कहना है कि यदि केंद्र सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय से जम्मू कश्मीर में बदलाव आता है तो यह एक क्रांतिकारी कदम होगा। बेशक इन कश्मीरी पंडितों ने अपना सब कुछ वहीं छोड़ दिया है पर अब वह अपनी यादों के साथ वहां एक बार फिर से आसानी से जा सकेंगे।
आशा की नई किरण जगी
केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद अब जम्मू और कश्मीर में काफी विकास होगा। पहले ऐसा नहीं हो पा रहा था। जब भी कोई बदलाव होता है तो लोगों को परेशानी होती है पर मुझको लगता है कि यह बदलाव आशा की एक नई किरण लेकर आएगा।
-बीएल खेर, प्रोफेशनल
कश्मीर में खून खराबा रुकना चाहिए
हम तो काफी कुछ खो चुके हैं पर यदि इस चेंज से जम्मू कश्मीर में खून खराबा रुकता है तो यह हमारे लिए सबसे खुशी की बात होगी। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि इस परिवर्तन से जम्मू कश्मीर में क्या डेवलपमेंट होगा।
-डॉक्टर अंजलि कौल
केंद्र सरकार का क्रांतिकारी कदम
जब मैं श्रीनगर से आया तो देखा था कि वहां से लोग अपना सब कुछ छोड़कर आ गए थे। कुछ ने नया मकान बनाया था। बाद में उपद्रवियों ने उनकी खिड़की, दरवाजे भी उखाड़ डाले। क्रेंद सरकार के इस बोल्ड स्टेप से यदि खून खराबे पर लगाम लगती है तो यह एक क्रांतिकारी बदलाव होगा।
-डा. अनिल कौल