हरियाणा के बहुचर्चित मानेसर जमीन घोटाले की सुनवाई मंगलवार को पंचकूला में सीबीआई की विशेष कोर्ट में हुई और पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा पेश हुए। मामले में लगाए गए आरोपों पर बहस होनी थी, जो आज नहीं हो सकी, क्योंकि कुछ वकील अनुपस्थित थे। अब सुनवाई 22 अगस्त को होगी।
ये है मानेसर भूमि घोटाला
अगस्त 2014 में निजी बिल्डरों ने मानेसर के तीन गांवों के किसानों से उनकी जमीनें डरा धमका कर जमीन अधिग्रहण के नाम पर सस्ती दरों पर खरीद ली गई। फिर उन जमीनों को बिल्डरों को बेचकर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया।
आरोपियों ने मानेसर, नौरंगपुर और नखरौला के किसानों की जमीनें खरीदीं। इस काम में कुछ नेताओं ने भी साथ दिया। आरोपियों पर हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डर्स को औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप है।
मामले में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के खिलाफ भी सितंबर 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। ईडी ने हुड्डा और अन्य के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर के आधार पर 17 सितंबर 2015 को आपराधिक मामला दर्ज किया था।
मामले की सुनवाई अब सीबीआई की विशेष कोर्ट में चल रही है। हुड्डा के अलावा एमएल तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लों, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित करीब 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है।