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करतारपुर कॉरिडोरः 72 साल बाद गुरुघर निकट, सिख संगत की अरदास पूरी

Sun, 10 Nov 2019 02:12 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेरा बाबा नानक (करतारपुर कॉरिडोर)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : social media
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72 साल बाद सिख संगत की अरदास पूरी हो गई। पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन कर पहले जत्थे को श्री करतारपुर साहिब के लिए रवाना किया।

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550 लोगों के पहले जत्थे में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, केंद्रीय राज्यमंत्री सोमप्रकाश, पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के अलावा सांसद सुखबीर बादल, श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी समेत कई नामचीन हस्तियां शरीक हुई। 

जत्थे का नेतृत्व श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने किया। मोदी ने खालसा ध्वज एसीजीपीसी प्रधान गोविंद सिंह लौंगोवाल और ज्ञानी हरप्रीत सिंह को थमाया। इसके बाद मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से गर्मजोशी से मुलाकात की और उन्हें हाथ जोड़कर प्रणाम किया।
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उन्होंने जत्थे में शामिल लोगों से एक-एक कर मुलाकात की। हालांकि पहले जत्थे को 12.20 बजे रवाना किया जाना था लेकिन मोदी देर से पहुंचे। टर्मिनल परिसर में श्री गुरु नानक देव जी पर बनी डाक्यूमेंटरी देखने के बाद उन्होंने कॉरिडोर का उद्घाटन किया।

दोपहर 12:20 पर रवाना होना था जत्था, देरी से पहुंचे मोदी

- फोटो : Social Media
करीब दो बजे पहला जत्था रवाना हुआ, महज सात मिनट में ही गुरु घर श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए। प्रोटोकॉल के मुताबिक डॉ. मनमोहन सिंह व कैप्टन अमरिंदर सिंह का स्वागत किया गया। कैप्टन व डॉ. मनमोहन सिंह खुली छोटी बस में चेक पोस्ट तक पहुंचे। उन्होंने अपना पासपोर्ट देकर इमिग्रेशन चेक आउट करवाया। 

पाक की तरफ से शनिवार को जत्थे के लिए कोई भी फीस नहीं रखी गई थी। चेक पोस्ट से गुजरने के बाद जत्थे के लोग बसों में सवार होकर श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पहुंचे। कैप्टन अमरिंदर सिंह और डॉ. मनमोहन सिंह ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका और रुमाला साहिब भी चढ़ाया। 

पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल अपने दल के साथ अलग रहे। इसके बाद सभी लोग म्यूजियम गए और वहां पर सिख इतिहास को पढ़ा और देखा। श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में पंजाबी और उर्दू में साइन बोर्ड लगे थे। संगत का पाकिस्तान में बेहतरीन स्वागत किया गया।

हर जगह पाक आर्मी के अलावा पुलिस और सेवादार तैनात थे, जो पल पल की जानकारी संगत को दे रहे थे। डेरा बाबा नानक के निकट अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित जीरो-प्वॉइंट पर श्री करतारपुर साहिब गलियारा तैयार करने के लिए भारत ने इसी साल 24 अक्तूबर को पाकिस्तान के साथ समझौता किया था।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में और पूरी दुनिया में श्री गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक 550वें प्रकाश पर्व को भव्य रूप में मनाने के लिए 22 नवंबर, 2018 को प्रस्ताव पारित किया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण और विकास को मंजूरी दी थी, ताकि पूरे वर्ष श्री करतारपुर साहिब जाने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं को सुविधा प्राप्त हो सके।

अव्यवस्था का माहौल, बहसबाजी हुई

भारतीय गेट पर अव्यवस्था का माहौल था। बीएसएफ की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं थी जिस कारण दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिरसा की बीएसएफ के अधिकारियों से बहसबाजी हो गई। वहीं बीएसएफ के जवान गेट पर श्रद्धालुओं को रोकते रह गए लेकिन अचानक से जत्था गेट खुलवाकर पाक गेट से भीतर चला गया।
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करतारपुर जाने के लिए एक्स-इंडिया लीव की जरुरत नहीं

पंजाब सरकार की ओर से अपने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि करतारपुर साहिब (पाकिस्तान) में श्री दरबार साहिब जाने के लिए एक्स-इंडिया लीव अप्लाई करना जरूरी नहीं है। सरकार के प्रसोनल विभाग की ओर से सभी विभाग प्रमुखों, डिवीजनों के कमिश्नरों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, सभी जिला व सेशन जजों, सभी डिप्टी कमिश्नरों और सभी एसडीएम (सिविल) को पत्र भेजकर कहा गया है कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर करतारपुर साहिब (पाकिस्तान) जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को एक्स-इंडिया लीव अप्लाई करने की जरूरत नहीं है। सरकार की ओर से इस निर्देश को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है, ताकि प्रकाश पर्व के मौके ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु करतारपुर में माथा टेकने जा सकें। उल्लेखनीय है कि सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों को देश से बाहर छुट्टी पर जाने के लिए एक्स-इंडिया लीव अप्लाई करने का प्रावधान है।
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