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करतारपुर कॉरिडोर: किसान अड़े- 'जमीन की सही कीमत न मिली तो किसी अफसर को घुसने नहीं देंगे'

Sat, 23 Feb 2019 11:51 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेरा बाबा नानक (बटाला)
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Kartarpur sahib
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करतारपुर कॉरिडोर के लिए जमीन देने के मामले में किसान अड़ गए हैं। उनका कहना है कि अगर जमीन की सही कीमन नहीं मिली तो वे किसी अफसर को घुसने तक नहीं देंगे। कॉरिडोर के लिए जिन किसानों की जमीन एक्वायर की जानी है, उनके साथ शुक्रवार को डेरा बाबा नानक के नए एसडीएम सिमरनजीत सिंह ढिल्लों ने मीटिंग की। पहले दो बैठकों की तरह तीसरी मीटिंग भी बेनतीजा रही। क्योंकि किसान जमीन का मुआवजा अधिक लेने पर अड़े हैं।
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वहीं, किसानों ने एसडीएम को कहा कि जब तक जमीन का सही मूल्य नहीं मिलता तब तक वह किसी भी अधिकारी को जमीन में घुसने नहीं देंगे, न ही किसी को पिलर गाड़ने देंगे। मीटिंग से पहले एसडीएम ने नायब तहसीलदार, बीडीपीओ और नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों से भी मीटिंग की। इस संबंध में किसान बचाओ कमेटी के उप प्रधान सूबा सिंह ने बताया कि शुक्रवार को नए एसडीएम सिमरनजीत सिंह ढिल्लों के साथ उनकी जमीन के मुआवजे के संबंध में मीटिंग हुई।
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एसडीएम बोले, कानून के अनुसार दिया जाएगा मुआवजा

सूबा सिंह ने बताया कि सोमवार को पहले रहे एसडीएम अशोक कुमार ने मीटिंग बुलाई थी, लेकिन तबादला होने के कारण वह मीटिंग कैंसिल हो गई। इस कारण शुक्रवार को किसानों से नये एसडीएम ने बैठक की और उनकी मांगों को सुना। लेकिन इसमें भी कोई नतीजा नहीं निकला। सूबा सिंह ने बताया कि किसानों की वही मांगें, जिसमें ट्यूबवेल कनेक्शन का मुआवजा, फसल का मुआवजा, किसान के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, जमीन का सही मुआवजा, 80 लाख रुपये प्रति किल्ला आदि एसडीएम के समक्ष रखी गई हैं।

उधर एसडीएम सिमरनजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि करतारपुर कॉरिडोर संबंधी 58 एकड़ जमीन का नोटिफिकेशन कर दिया गया है। नोटिफिकेशन के बाद 21 दिन का प्रोसेस होता है। इमिग्रेशन चेक पोस्ट के लिए भी 50 एकड़ जमीन तय कर दी गई है। इसका भी जल्द ही फाइनल नोटिफिकेशन प्रकाशित कर लिया जाएगा। कॉरिडोर पर तेजी से काम किया जा रहा है। किसानों के जमीन के मुआवजे को लेकर एतराज हैं, जल्द ही निपटारा कर लिया जाएगा। किसानों को मुआवजा कानून के अनुसार दिया जाएगा। किसानों के साथ मुआवजे को लेकर बातचीत चल रही है और प्रयास रहेगा कि किसानों को उचित मुआवजा मिले। प्रशासन प्रयास करेगा कि जल्द ही जल्द ही निर्माण शुरू किया जाए।
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