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नहीं आए संत रामपाल, परेशान होते रहे लोग

Mon, 10 Nov 2014 03:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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एक बार फिर चंडीगढ़ पुलिस की तैयारियां धरी की धरी रह गई। एक बार फिर चंडीगढ़ पुलिस इंतजार करती रह गई और संत रामपाल आए नहीं। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने कोर्ट की अवमानना के आरोप में संत रामपाल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे।
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साथ में राष्ट्रीय समाज सेवक समिति के मुखी रामकंवर ढाका के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। दोनों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करने के आदेश भी दिए गए थे, लेकिन संत रामपाल बीमार हो गए। इसलिए आज वे कोर्ट में पेश नहीं हो पाएंगे।

ऐसे में पुलिस की सारी तैयारियां बेकार हो गई, जबकि तीन दिन पहले चंडीगढ़ पुलिस ने मॉक ड्रिल करके संत के समर्थकों से निटपने की पूरी तैयारी की थी।

फिलहाल तो मामला एक बार फिर शांत हो गया है, क्योंकि संत रामपाल चलने-फिरने में असमर्थ हैं, वहीं रामकंवर ढाका अभी तक गिरफ्त से बाहर हैं।

संत रामपाल बीमार, ढाका गिरफ्त से बाहर

सतलोक आश्रम के संत रामपाल सोमवार को हाईकोर्ट में पेश नहीं होंगे। जिला प्रशासन ने डॉक्टरों के दल से उनका री-मेडिकल करवाया है। इसमें सामने आया है कि वे चलने-फिरने में असमर्थ हैं और उन्हें 72 घंटे की चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

वहीं, पुलिस हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद दूसरे आरोपी व राष्ट्रीय समाज सेवक समिति के मुखी रामकंवर ढाका को गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। पुलिस दावा कर रही है कि वह ढाका को रविवार देर रात तक गिरफ्तार कर सोमवार को हाईकोर्ट में पेश कर देगी।

लगातार दूसरे दिन भी हिसार-बरवाला रोड पर स्थित सतलोक आश्रम में हजारों की संख्या में संत के अनुयायी जुटे रहे। रविवार सुबह सैकड़ों महिलाएं-बच्चे और निजी ‘ब्लैक कमांडो’ आश्रम के गेट के बाहर तैनात रहे।

वहीं, संत की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न जिलों की पुलिस और अर्ध सैनिक बलों की 35 टुकड़ियां हिसार की न्यू पुलिस लाइन में आदेशों का इंतजार करती रही।

हाईकोर्ट ने एक मामले में सतलोक आश्रम के प्रमुख संत रामपाल और रामकंवर ढाका के खिलाफ गैर जमानती वारंट निकाले हैं और प्रशासन को उन्हें 10 नवंबर को हाईकोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं।

5 हार्ट स्पेशलिस्ट कर रहे संत का इलाज

आश्रम के प्रवक्ता राजकपूर सिंह ने कहा कि संत रामपाल के सीने में तेज दर्द है। अपोलो और चंडीगढ़ के अस्पताल सहित कुछ प्रमुख अस्पतालों से संत की जांच के लिए पांच हार्ट स्पेशलिस्ट की टीम आई हुई है।

उन्होंने कहा कि वे न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं, अगर संत रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हो सके तो उनकी मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में समय पर पेश की जाएगी। उन्होंने कहा कि संत को बेड रेस्ट बताया गया है वे किसी हाल में सफर नहीं कर सकते।

संत रामपाल का जिला प्रशासन के चिकित्सीय दल ने री-मेडिकल किया है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार संत चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं। पुलिस दूसरे आरोपी रामकंवर ढाका की गिरफ्तारी करने के प्रयास कर रही है। हो सकता है रविवार देर रात तक ढाका को गिरफ्तार कर लिया जाए।
- राजबीर सैनी, डीएसपी, बरवाला
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यह था पूरा मामला

संत रामपाल को करौंथा आश्रम में हत्या के मामले को लेकर आठ अगस्त को हिसार कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रोहतक कोर्ट में पेशी भुगतानी थी।

वे एक नंबर कोर्ट में हिसार पहुंचे। उनके कोर्ट पहुंचने की सूचना पर एक दिन पहले से ही उनके हजारों की संख्या में समर्थक शहर पहुंचने लगे।

कोर्ट परिसर को समर्थकों ने कब्जा लिया। वकीलों के साथ भी कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। इसका बार एसोसिएशन ने जमकर विरोध किया और दो दिन तक वर्क सस्पेंड रखा।

इसके बाद हाईकोर्ट ने संत रामपाल को पेशी पर हाईकोर्ट पहुंचने के निर्देश जारी किए थे। इस पर वे हाईकोर्ट नहीं पहुंचे तो कोर्ट ने उनकी गिफ्तारी के वारंट निकाल दिए।
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