हिसार में अदालत के बाहर हंगामा करने के मामले में संत रामपाल बुधवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके वकील ने मेडिकल सर्टिफिकेट देकर पेशी से छूट मांगी। हाईकोर्ट ने सर्टिफिकेट की जांच का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही सर्टिफिकेट जारी करने वाले डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। अगली सुनवाई पांच नवंबर को होगी। आश्रम के अनुयायियों की संस्था राष्ट्रीय समाजसेवा समिति के अध्यक्ष मास्टर राम कुमार ढाका पेश हुए।
उन्होंने शपथ पत्र दिया कि अदालत के बाहर नारेबाजी समिति सदस्यों ने की थी। समिति के सदस्यों ने आश्रम की गुरु दीक्षा ले रखी है।
हो सकते हैं समिति और रामपाल के संबंध
बेंच ने कहा है कि प्राथमिक तौर पर समिति और संत रामपाल में संबंध स्थापित प्रतीत हो रहे हैं। पिछली सुनवाई पर संत रामपाल के शपथ पत्र में उल्लेख था कि हंगामा समिति सदस्यों ने किया था।
इसमें उनका कोई हाथ नहीं था। इसी पर ढाका को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। संत रामपाल की पेशी के कारण हाईकोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तबदील रहा।
एंट्री से लेकर कोर्ट रूम तक पुलिस बल के साथ उच्चाधिकारी तैनात रहे। इसके अलावा डीआईजी ने सुरक्षा व्यवस्था देखी। संत रामपाल तो नहीं पहुंचे, लेकिन ढाका व अन्य को सुरक्षा के बीच कोर्ट रूम पहुंचाया गया।
अन्याय के खिलाफ लड़ रहा हूं
मीडिया से बातचीत में संत रामपाल ने कहा कि वह अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। यह लड़ाई जारी रहेगी। राज्यपाल से मिलने के बाद ढाका और तीन अन्य लोग दोबारा हाईकोर्ट पहुंचे और एक्टिंग चीफ जस्टिस से मिले।
ढाका ने कहा कि न्याय प्रणाली में सुधार के लिए मांग पत्र सौंपा गया है। कथित अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए ज्यूडीशियरी के ऊपर एक कमेटी गठित करने का सुझाव दिया गया है।