पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशानुसार संत रामपाल की गिरफ्तारी के लिए सिर्फ 24 घंटे बचे हैं। पुलिस को हर हालत में संत को सतलोक आश्रम से गिरफ्तार कर सोमवार को अदालत में पेश करना है। इसके लिए शनिवार को दिन भर पुलिस और प्रशासनिक महकमा तैयारी में लगा रहा। करीब बीस हजार पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान धीरे-धीरे आश्रम की ओर बढ़ रहे हैं।
वह आश्रम से करीब 500 मीटर पहले डेरा जमा चुके हैं। दोपहर को आईजी अनिल राव और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर मोहम्म्मद शाहीन ने मौका मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया। आईजी ने आश्रम से 500 मीटर की दूरी पर पूरा निरीक्षण भी किया।
संत के अनुयायियों से टकराव की स्थिति को देखते हुए आसपास के सभी शिक्षण संस्थान तीन दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं। आसपास के जिलों के डॉक्टरों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। अस्पतालों में अलग से बिस्तरों की भी व्यवस्था की गई है। बरवाला रोड से होकर किसी वाहन को निकलने नहीं दिया जा रहा। रूट डायवर्ट कर दिया गया है।
छत पर संत के हजारों निजी ब्लैक कमांडो
वहीं संत के अनुयायी भी किसी भी स्थिति में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। भारी संख्या में हथियारों के साथ अनुयायी मोर्चा संभाले हुए हैं। वह सतलोक आश्रम के बाहर दीवारों के चारों तरफ मानव शृंखला बनाकर घेरा डाले हुए हैं।
आश्रम की छत पर भी संत के हजारों निजी ब्लैक कमांडो तैनात किए गए हैं। अनुयायियों ने कहा कि वह किसी भी हालत में अपने संत को गिरफ्तार नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन हमसे लड़कर ही हमारे संत को गिरफ्तार कर सकता है। पिछले कई दिनों से गेट के बाहर बैठी महिलाओं ने संत की सुरक्षा में घेरा बढ़ा दिया है।
आश्रम से बाहर नहीं जाने दे रहे
प्रशासन और संत के अनुयायियों की टकराव की स्थिति के चलते कुछ अनुयायी आश्रम छोड़कर जाने लगे हैं। आश्रम में बड़ी संख्या में ऐसे अनुयायी हैं, जो घर जाना चाहते हैं और उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा।
जेलों में साढ़े सात सौ अतिरिक्त बिस्तरों का प्रबंध
संत रामपाल की गिरफ्तारी को लेकर जेल प्रशासन ने भी अपनी पूरी तैयारी कर ली है। जेल प्रशासन ने साढ़े सात सौ अतिरिक्त बिस्तरों का प्रबंध किया है। ये बिस्तर किराये के हैं।
अदालत में उपस्थित हों संत रामपाल
संत रामपाल को स्वयं शांतिपूर्ण तरीके से और बिना किसी व्यवधान के अदालत में उपस्थित होना चाहिए। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट संत रामपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर चुका है। जनता और उनके अनुयायी भी अदालत के निर्देशों का पालन करने में सहयोग करें। प्रजातांत्रिक प्रणाली में व्यक्ति को न्यायिक प्रणाली के मान-सम्मान को प्राथमिकता देनी चाहिए।
मनोहर लाल खट्टर , मुख्यमंत्री, हरियाणा