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एजूकेशनल टूर पर अमेरिका गए स्टूडेंट्स ने किया ऐसा कारनामा, हिल गया NASA

Tue, 07 Feb 2017 09:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
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nasa
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एजूकेशनल टूर पर अमेरिका गए स्टूडेंट्स ने ऐसा कारनामा किया कि नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) में अफसरों के हाथ पैर फूल गए।
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जांच की गई तो पता चला कि स्टूडेंट्स ने प्लेन की आपात लैंडिंग कराई और भाग गए, जबकि नासा और पुलिस मान रही थी कि वे लापता हो गए हैं। फिर रविवार को मामले में बड़ा खुलासा हुआ कि छात्र लापता नहीं हुए, बल्कि भागे हैं।

उन्होंने भागने से पूर्व पूरी प्लानिंग के साथ अटलांटा एयरपोर्ट पर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग कराई। यह खुलासा रविवार को टूर से लौटे छात्रों ने अमर उजाला के सामने किया। छात्रों के अनुसार, भागने वालों में 12वीं क्लास के लवजिंद्र विर्क, मलकीत विर्क, प्रिंस पाल ढिल्लो, सचिन थड़क और विशाल शर्मा हैं।
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वहीं, प्रताप पब्लिक स्कूल के छात्र अभी अमेरिका में हैं। स्कूल मैनेजमेंट भागे हुए छात्रों को वापस लाने की कोशिश कर रही है। यह दल बुधवार को भारत लौटेगा। हालांकि, अभी तक इस स्कूल ने भागे हुए छात्रों के नामों का खुलासा नहीं किया है।

यह है पूरा मामला

aeroplane
गौरतलब है कि दोनों स्कूलों की टीमें 10 दिन के शैक्षणिक भ्रमण पर जनवरी के अंतिम सप्ताह में नासा, अमेरिका गई थी। अमर उजाला को छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल के 29 छात्र स्कूल मैनेजमेंट और टीचरों के साथ दिल्ली से न्यूयार्क के लिए रवाना हुए। छात्रों ने बताया कि 28 जनवरी को न्यूयार्क से जब अटलांटा जाने लगे तो रास्ते में लवजिंद्र विर्क ने सीने में दर्द और सांस फूलने की शिकायत की।

इसके बाद अटलांटा में प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। वहां अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने सब कुछ सामान्य बताया। इसके बाद एयरपोर्ट से चेकिंग के दौरान लकजिंद्र विर्क, मलकीत विर्क, प्रिंस पाल ढिल्लो, विशाल शर्मा खिसक लिए। इसके बाद स्कूल प्रबंधन के सदस्यों में हड़कंप मच गया। वहीं, दूसरे दिन ओलैंड शहर के एक होटल में रुकने के दौरान सचिन थड़क बिना पासपोर्ट के होटल से निकल गया।

अब स्थानीय स्तर पर प्रशासन भी छात्रों की जानकारी जुटाने में लगा हुआ है। वहीं, इस मामले में स्कूल मैनेजमेंट के साथ गायब हुए छात्रों के परिजन भी चुप्पी साधे हुए हैं। इस बारे में गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल और प्रताप पब्लिक स्कूल का प्रबंधन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। हालांकि, विद्यार्थियों के परिजनों को प्रबंधन की ओर से फोन किए जा रहे हैं और छात्रों के सकुशल होने की जानकारी दी जा रही है।

 
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एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेकिंग का उठाया फायदा

एयरपोर्ट - फोटो : amar ujala
भागने वाले छात्रों ने एयरपोर्ट पर होने वाली सिक्योरिटी चेकिंग का फायदा उठाया। टीम के साथ गए स्कूल मैनेजमेंट के सदस्य और टीचर छात्रों का पासपोर्ट व अन्य जरूरी दस्तावेज अपने पास रखते थे, लेकिन एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान छात्रों को उनका पासपोर्ट दे दिया जाता था। इस बात को छात्र भी अच्छी तरह जानते थे, इसलिए वे इसी दौरान भागने का प्लान बनाया और सफल हुए। वहीं सचिन थड़क एयरपोर्ट पर नहीं भाग सका, इसलिए वह ओलैंडो के होटल से बिना पासपोर्ट लिए ही भाग गया।

छात्रों के पास है 10 साल का वीजा
अमेरिका जाने के लिए आम लोगों को बमुश्किल वीजा मिलता है। वहीं शैक्षणिक टूर पर अमेरिका जाने वाले सभी छात्रों के पास 10 साल का वीजा है। लोगों का कहना है कि अभी के घटनाक्रम से लगता है कि इन छात्रों को सहमति से जानबूझ कर भगाया गया है। हालांकि इस वीजा पर भी छात्रों को छह माह बाद लौटना होगा, लेकिन जानकारों का कहना है कि अगर वे चाहें तो इस छह माह बाद अमेरिका में कुछ रुपये का बांड भरकर इसी पर 10 साल तक तक वहां रुक सकते हैं। उधर, अभिभावकों का दावा है कि प्रति छात्र स्कूल प्रबंधन ने लगभग ढाई लाख रुपये लिए गए हैं। हालांकि, स्कूल प्रबंधन की तरफ से इस बारे में कुछ नहीं कहा जा रहा है।
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