सिटी फैक्ट्स
- निगम ने शहर को 20 वार्डों में बांटा हुआ है।
- 286827 की आबादी है (2011 की जनगणना के अनुसार)
- शहर के 75 हजार घरों से कचरा इकट्ठा किया जाता है।
- 1400 सफाई कर्मचारी शहर की सफाई में लगे हुए हैं। इनमें 355 पक्के व अन्य ठेके वाले शामिल रहे।
- 45 ट्रैक्टर-ट्राली, 90 टिपर, 250 ट्राई साइकिल, 5 जेसीबी का प्रयोग होता है।
- शहर में 258 रैक पीकर्स यानि कूड़ा बीनने वालों की पहचान कर उन्हें आई-कार्ड दिए गये और सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया।
- शहर से प्रतिदिन 180 टन के करीब कचरा निकलता है।
- काछवा रोड पर वेस्ट टू एनर्जी यानि बेकार चीजों से ऊर्जा बनाने के प्लांट में सीएनजी से बिजली बनाई जा रही।
- प्लास्टिक फ्री बैग की मुहिम से डेढ़ लाख कपड़े के बैग वितरित किए गए।
- फ्लाई ओवर के नीचे सुंदर और आकर्षक पेंटिंग बनवाई गई।
- स्वच्छता को लेकर स्कूलों, अस्पतालों, होटलों व आरडब्ल्यूए में प्रतियोगिता करायी गयी।
निगम की रणनीति, सफाईकर्ताओं का समर्पण तथा नागरिकों के सहयोग का परिणाम है। पिछले चार वर्षों से करनाल स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणामों में लगातार आगे बढ़ रहा है। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि अगले वर्ष करनाल टॉप-10 में अवश्य स्थान हासिल कर सकता है। - रेणूबाला गुप्ता, मेयर।
करनाल को पूरे देश के 1 से 10 लाख की आबादी के शहरों में 17वां स्थान हासिल हुआ है और इस उपलब्धि से करनाल ना केवल हरियाणा प्रदेश बल्कि उत्तर भारत में प्रथम स्थान पर है। शहर अब देश के टॉप-20 में पहुंच गया है। उम्मीद है कि अगले वर्ष 10 में स्थान पाएंगे। -निशांत कुमार यादव, डीसी एवं निगमायुक्त।