चंडीगढ़ में गोल्फ टूर्नामेंट जीतने के बाद खुशी मनाते गोल्फर करणदीप कोचर और उनके पिता।
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चंडीगढ़ के गोल्फर करणदीप कोचर ने जीव मिल्खा सिंह इनविटेशनल गोल्फ टूर्नामेंट जीत लिया है। गोल्फ क्लब में चल रहे टूर्नामेंट में उन्होंने एशिया के नंबर- 1 गोल्फर रहे आर्निब लाहड़ी को मात दी। इससे पहले रविवार को आखिरी दिन मैच टाई हो गया था। जिसके कारण आखिरी होल का मुकाबला सोमवार को खेला गया जिसे करणदीप कोचर ने जीत लिया। टूर्नामेंट का विजेता बनने पर करणदीप कोचर को 24 लाख रुपये की इनामी राशि मिली। इस टूर्नामेंट में देश और विदेशों के 120 गोल्फर्स ने शिरकत की।
रविवार को एक चूक ने मैच का पासा पलट दिया और करणदीप कोचर के हाथ से जीत फिसल गई थी। मैच दो बार टाई हुआ, जिसके चलते सोमवार को फिर मैच खेला गया। पीजीटीआई के इतिहास में यह पहला मौका है जब निर्णायक दिन से अगले दिन कोई मैच हुआ।
रविवार को हुए मैच में जीत की ओर बढ़ चुके स्थानीय गोल्फर करणदीप कोचर ने जैसे ही 18वें होल में गेंद डाली तो वहां उपस्थित उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। इसी दौरान मैच रेफरी ने करणदीप कोचर पर 17वें होल में गेंद पर पैर लगाए जाने पर 1 स्ट्रोक की पेनल्टी लगा दी। इस वजह से करणदीप कोचर और आर्निब लाहड़ी का स्कोर 12-12 की बराबरी पर आ गया। करणदीप कोचर ने इसका विरोध भी किया। आखिर में एक कमेटी बैठी और आधे घंटे की मीटिंग के बाद मैच को टाई घोषित कर दोबारा से 18वां होल खेलने को कहा गया।
दो बार मैच हुआ था टाई
मैच टाई होने के बाद एक बार फिर से 18वें और निर्णायक होल के लिए आर्निब लाहड़ी और करणदीप कोचर आमने सामने हो गए। फिर से मैच टाई हो गया और दोनों को 18वां होल दोबारा खेलना पड़ा। लेकिन इस बार भी दोनों खिलाड़ी बराबरी पर रहे। इसके बाद रोशनी कम होने की वजह से खेल रोक दिया गया था।
रविवार को हाथ से जीत फिसलने के बाद गोल्फर करणदीप कोचर ने कहा था कि कमेटी ने सही निर्णय नहीं दिया। उसने हिसाब से यह गलत है। उन्होंने जानबूझकर 17वें होल में गेंद को टच नहीं किया था। अनजाने में गेंद पांव से छू गई थी। वहां उपस्थित लगभग सभी लोगों ने यह देखा भी होगा। इसके बावजूद उनके ऊपर एक स्ट्रोक की पेनल्टी लगाई गई है। उनके साथ नाइंसाफी हुई है।