इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला में दम है तो वे अपने विधानसभा क्षेत्र ऐलनाबाद से इस्तीफा दें। मैं पलवल से इस्तीफा दूंगा। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे पलवल से चुनाव लड़ लें और मैं ऐलनाबाद से चुनाव लड़ लूंगा। ये विचार पलवल के विधायक कर्ण सिंह दलाल ने सिरसा कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वे सिरसा में गोली खाने आए हैं और अभय सिंह दम हैं तो जब वे यहां से निकलें तो उन पर गोली चलाए।
दलाल ने कहा कि अभय सिंह चौटाला भाजपा का तोता बना हुआ है। उनकी हुकूमत में नहीं डरा तो अब क्या डरूंगा। 2000 में चौटाला सरकार में मैं पलवल से विधायक था। इस दौरान उन्होंने लूटपाट और डकैती के कई केस बनाए।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों विधानसभा में हरियाणा के 25 लाख लोगों के राशन कार्ड काटने का मुद्दा उठाया था। इस पर मंत्री कर्णदेव ने स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार ने 26 लाख उपभोक्ताओं के नाम काटे हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का आधारकार्ड नहीं है तो भी उसका राशनकार्ड नहीं काटा जा सकता।
सरकार इस प्रकार के घिनौने कार्य करके प्रदेश को कलंकित कर रही है। तब अभय सिंह विधानसभा में मौजूद नहीं थे। मंत्री कैप्टन अभिमन्यु सदन से बाहर गए और कुछ ही पल में अभय सिंह चौटाला के साथ वापस आए। कैप्टन अभिमन्यु ने आते ही कहा कि अब तो सदन में नेता प्रतिपक्ष भी मौजूद हैं और उनसे भी कर्ण दलाल के वक्तव्य पर विचार ले लेना चाहिए।
कर्ण दलाल ने कहा कि अभय सिंह चौटाला ने बगैर विषय की जानकारी लिए कहना शुरू कर दिया कि कर्ण दलाल की तो आदत है। पहले उन्होंने गाली दी और जूता निकाला। तब प्रतिक्रिया के रूप में उन्होंने भी वही किया। वे सदन में वरिष्ठ विधायक हैं और उम्र में भी बड़े हैं, लेकिन अभय चौटाला ने नैतिकता और गरिमा का ध्यान नहीं रखा। इतना ही नहीं अगले दिन उन्होंने प्रेस में बयान दिया कि उनके पास रिवॉल्वर नहीं था अन्यथा गोली मार देते।
इस चुनौती को स्वीकार करते हुए और बाकायदा तारीख का नोटिस देकर वे स्वयं यहां आए हैं और अभय सिंह चौटाला से कह रहे हैं कि चलाओ गोली। उन्होंने कहा कि दरअसल अभय सिंह भाजपा के साथ मिलकर हरियाणा के हितों से खिलवाड़ कर रहे हैं और अपने ऊपर दर्ज मुकदमों से बचने की लालसा लेकर ऐसा काम कर रहे हैं। कर्ण दलाल ने कहा कि चौधरी देवीलाल के नाम का सहारा लेकर उन्होंने हमेशा ही बचने का प्रयास किया है।
यदि भाजपा और इनेलो का छदम गठबंधन नहीं है तो मेरी चंडीगढ़ व हरियाणा पुलिस को दी गई याचिका पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। वे इस विषय को लेकर जल्द ही हाईकोर्ट जाएंगे। कर्ण दलाल ने यहां तक कहा कि अभय सिंह चौटाला को चौधरी देवीलाल के नाम पर रैली करने का अधिकार नहीं है। चौधरी देवीलाल तो रूठों को मनाते थे और खुद इंजन बनकर डिब्बों को जोड़ लेते थे।
कर्ण दलाल ने कहा कि उन्होंने मायावती को भी पत्र लिखकर कहा है कि आपकी पार्टी गरीबों की रक्षक है। इसके बावजूद हरियाणा में आपने गरीबों पर जुल्म करने वाले दल से समझौत किया हुआ है। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डा. केवी सिंह, पूर्व विधायक भरत सिंह बेनीवाल, संजय हिटलर, करनैल सिंह, रामकुमार खैरेकां मौजूद थे।