दलाल ने सीएम मनोहर लाल को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनके आरोप बेबुनियाद हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए, अन्यथा उनकी चार्जशीट की जांच कराकर वे इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करें।
फ्यूल चार्ज के नाम पर भी अतिरिक्त बोझ
पलवल के विधायक करण दलाल ने कहा कि अब भी बिजली के बिलों में फ्यूल चार्ज के नाम पर बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ये बताए कि बिजली उत्पादन में उनका कितना फ्यूल इस्तेमाल हो रहा है? बिना मतलब के बिजली बिलों में ये चार्ज ठोककर लोगों पर भार बढ़ाया जा रहा है।
गलत बिजली बिलों से भी लोग परेशान
विधायक दलाल ने कहा कि आज प्रदेश की जनता बिजली के गलत बिलों से दुखी है। गलत रीडिंग के बिल आ रहे हैं और जनता उन बिलों को ठीक कराने के लिए बिजली दफ्तरों के धक्के खा रही है। दूसरे, सीएम ने जो बिजली के बिलों को आधा करने की बात कही है, वह भी लोगों की आंखों में धूल झोंकने जैसा है, क्योंकि लोगों को इस घोषणा का कोई खास लाभ नहीं मिल रहा है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने कहा कि वर्तमान सरकार बिजली निगमों की व्यवस्था को पटरी पर लाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं की सुविधाओं में इजाफा करने में रफ्तार पकड़ रही है। एक ओर म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत अब तक 2850 गांवों में 24 घंटे बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, वहीं दूसरी ओर लाइन लॉस को भी 34 प्रतिशत से कम करके 21 प्रतिशत पर लाने का काम किया है।
इस प्रदर्शन के आधार पर केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने 42 बिजली निगमों में उत्तरी निगम को 10वां तथा दक्षिणी निगम को 13वां स्थान प्रदान किया है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा बिजली निगमों की वित्तीय स्थिति सुधारने से लेकर बिजली उपभोक्ताओं की सुविधाओं में बढ़ोतरी करने के लिए उठाए गए कदमों के बेहतर परिणाम आ रहे हैं।
पूर्व सरकारों की लापरवाही एवं व्यवस्था सुधार पर ध्यान न देने की वजह से जहां साल दर साल घाटा बढ़ता जा रहा था, वहीं वर्तमान सरकार के दौरान निगम घाटे से बाहर अब मुनाफे की ओर बढ़ रहे हैं। अब तक प्रदेश के 2850 गांवों में न केवल बिजली मीटर घर से बाहर लगवाए जा चुके हैं, अपितु इन सभी गांवों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित हो गई है।
अब लाइन लॉस 34 प्रतिशत से कम करते हुए 21 प्रतिशत किया जा चुका है, जिसके कारण वर्तमान वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 412 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा बिजली निगमों को हुआ है। इन स्थितियों में सुधारात्मक प्रदर्शन के आधार पर हरियाणा के उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम देशभर के 42 निगमों में 10वें तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम 13वें स्थान पर पहुंच गया है।