कपूरथला में किडनैपिंग के बाद फिरौती के 30 लाख रुपये न मिलने पर बच्चे की हत्या के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। सोमवार 11 अप्रैल को घर से निकला 14 वर्षीय जसकिरत सिंह जस्सी रमणीक चौक से कॉलेज रोड तक लगे चार सीसीटीवी में से एक में कैद हुआ है।
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जिस रास्ते से आरोपी जस्सी को श्री गोइंदवाल साहिब लेकर गए, वहां पर लगा स्थायी सीसीटीवी कैमरा भी जस्सी के अगवा होने से एक दिन पहले एक ट्रक की टक्कर से टूट गया था। जिस फोन से जस्सी के पिता को फिरौती की कॉल आई थी, वह भी दूसरे राज्य से आए व्यक्ति का निकला जो 27 मार्च को लूटा गया था।
सोमवार शाम पौने पांच बजे जस्सी अपनी ग्रे कलर की स्कूटी पर ट्यूशन के लिए निकला। उसका घर से चारबत्ती चौक तक आना एक सीसीटीवी में कैद है, लेकिन उसके आगे कॉलेज रोड तक तीन दुकानदारों की ओर से लगाए सीसीटीवी में जस्सी कैद नहीं है। पुलिस ने इन सीसीटीवी को कई बार खंगाला, लेकिन जस्सी के वहां से गुजरने की कोई फुटेज नहीं मिली। चारबत्ती चौक से आगे जस्सी कहां गया, यह मिस्ट्री बन गया है।
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फिरौती के लिए जिस नंबर से फोन आया, वह 27 मार्च को लूटा गया था
कपूरथला के बच्चे जसकीरत की अपहरण के बाद हत्या
- फोटो : फाइल फोटो
सोमवार से अब तक एसएसपी राजिंदर सिंह की सुपरविजन में जांच कर रहे डीएसपी सब-डिवीजन दलजीत सिंह ढिल्लों, डीएसपी-डी हरप्रीत सिंह बेनीपाल और थाना सिटी एसएचओ इंस्पेक्टर सुक्खा सिंह वाली एसआईटी बैकफुट पर है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कपूरथला और तरनतारन की सीमा पर श्री गोइंदवाल साहिब के पुल पर आवागमन की जांच के लिए लगा
सीसीटीवी कैमरा 10 अप्रैल को एक ट्रक की टक्कर से टूट गया था। उसके अगले ही दिन जसकीरत सिंह को अगवा करके आरोपी उसी रास्ते से ले गए। वहीं जस्सी के पिता नरिंदरजीत सिंह को फिरौती की कॉल 92172-75749 से आई थी। पुलिस ने इस नंबर को खंगाला तो यह सीता देवी पत्नी शाम निवासी बिहार का निकला है।
पूछताछ में पता चला कि 27 मार्च को कोई व्यक्ति उसे जलौखाना में घर में राजमिस्त्री का काम करने के लिए लेकर गया था। फव्वारा चौक से आगे उस व्यक्ति ने शाम से कॉल करने के लिए फोन मांगा और फिर फोन लेकर फरार हो गया। वह फोन छीन कर ले जाने वाले का हुलिया नहीं पहचान पाया, क्योंकि उसने रुमाल से अपना मुंह ढंका हुआ था।
जसकिरत को मार कर दरिया में फेंकना चाहते थे आरोपी
कपूरथला के बच्चे जसकीरत की अपहरण के बाद हत्या
- फोटो : फाइल फोटो
इससे आशंका है कि जसकीरत सिंह को अगवा करने की योजना पहले ही बनाई जा चुकी थी। हालांकि एसआईटी से संबंधित कोई भी पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। जहां से जस्सी का शव बोरी में बंद मिला है, वह श्री गोइंदवाल साहिब से करीब तीन किलोमीटर दूर है।
जस्सी के शरीर पर पांच ईंटें बंधी थी, जिससे साफ है कि आरोपी उसे मारकर ब्यास दरिया में फेंकने की फिराक में थे। एसएसपी राजिंदर सिंह ने कहा कि यह पूरी तरह से टारगेट किलिंग का मामला है। पुलिस टीमें आरोपियों की धरकपड़ के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं। जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं की गई है। जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।
जस्सी हत्याकांड को लेकर कैंडल मार्च, कातिलों को गिरफ्तार करने की मांग
कपूरथला के बच्चे जसकीरत की अपहरण के बाद हत्या
- फोटो : फाइल फोटो
जसकीरत सिंह उर्फ जस्सी के अपहरण और हत्या के मामले में पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई खास उपलब्धि न लगने पर लोगों के सब्र का बांध टूट गया। शुक्रवार को शहर की सभी धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक, व्यापारिक और औद्योगिक संस्थाओं ने श्री सनातन धर्म सभा में इकट्ठे होकर कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च में जसकीरत सिंह की फोटो लगे बैनर में ‘एसएसपी सर, आई वांट जस्टिस, मेरा की कसूर सी’ से न्याय की गुहार लगाई गई।
श्री सनातन धर्म सभा में जुटे लोगों ने हाथों में कैंडल लेकर प्रभु श्री राम के जयकारे लगाते हुए जस्सी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कैंडल मार्च श्री सनातन धर्म सभा से अमृतसर रोड, शालीमार बाग रोड, श्री शीतला माता चौक, जलौखाना चौक, मच्छी चौक, प्रेमी चौक, सब्जी मंडी, फव्वारा चौक, गरारी चौक, शहीद भगत सिंह चौक पहुंची, जहां कैंडल स्थापित की गई।
इसके बाद श्री सत्यनारायण बाजार, अमृतसर रोड से होते हुए कैंडल मार्च वापस सनातन धर्म सभा पहुंचकर संपन्न हुआ। शहीद भगत सिंह चौक के पास कैंडल लगाकर जसकीरत की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।