प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जब कनिष्क विमान हादसे के स्मारक पर गए तो 30 साल पुराना दर्द ताजा हो गया, लेकिन सुकून भी मिला। ये कहना था 70 साल की निर्मला का। खौफनाक दिन को याद कर निर्मला फफक करो रो पड़ीं। बकौल निर्मला, ‘कनिष्क विमान हादसा दिल दहलाने वाला था, जिसने पूरे परिवार को ही उजाड़ दिया। हमारे घर की बगिया ही पूरी खत्म हो गई थी। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मारक पर जाने के बाद एक बार फिर दिल का जख्म हरा हो गया है।
’ उस खौफनाक दिन को याद कर 70 साल की निर्मला फफक करो रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि एक फोन कॉल ने उनके घर में कोहराम मचा दिया था। फोन आया था कि निर्मला की ननद निर्मल अपने बेटे व बेटी के साथ कनिष्क विमान हादसे का शिकार हो गईं। निर्मल अपने पिता के अंतिम संस्कार में शरीक होने के लिए घर आ रही थीं।
अब तीस साल बाद हादसे के स्मारक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रद्धांजलि देने गए हैं तो पीड़ित परिवारों के लिए यह एक सुकून का क्षण है। निर्मला कहती हैं कि इससे एक बार फिर उनका दर्द उठने लगा है, लेकिन यह एक मरहम भी है। इससे कुछ समय के लिए आराम तो मिलेगा। लेकिन कनिष्क हादसा एक ऐसा जख्म है जिसका कोई इलाज नहीं है।