टॉय ट्रेन से शिमला जाने वाले सैलानियों के लिए बुरी खबर है। रेलवे ने एक बड़ा फरमान जारी किया है। इसके तहत ट्रैक पर 4 महीने ट्रेन नहीं दौड़ेगी, क्योंकि ट्रेन की मुरम्मत का काम चल रहा है।
अंबाला मंडल की सीनियर डिवीजन कामर्शियल मैनेजर प्रवीण द्विवेदी गौड़ का कहना है कि सैलानियों को टॉय ट्रेन सफर के लिए करीब चार महीने का इंतजार करना होगा। क्योंकि हादसे की जांच रिपोर्ट आने के बाद डैमेज कोच को रिपेयरिंग के लिए भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि कालका-शिमला रेल हादसे में टॉय ट्रेन के करीब तीन कोच डैमेज हुए हैं। उनकी रिपेयरिंग में करीब चार महीने का समय लगेगा। जब तक कोच सही होकर नहीं आ जाते हैं तब तक ट्रेन का संचालन करना मुश्किल है।
इसके अलावा इंजन को भी शेड में रिपेयरिंग के लिए भेजा जाएगा। जहां स्पीडोमीटर को ठीक करने के साथ पूरे इंजन को सर्च कर उसकी तकनीकी कमियों को दूर किया जाएगा।
हादसे की जांच रिपोर्ट एक माह में आएगी
कालका-शिमला के बीच हुए टॉय ट्रेन हादसे की जांच रिपोर्ट के लिए मंडल अधिकारियों को अभी एक महीने का इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि रेलवे सेफ्टी कमिश्नर जांच रिपोर्ट को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।
कमिश्नर ने मंगलवार को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर भले ही हादसे को लेकर पचास से अधिक रेल कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं, लेकिन बयान से हादसे का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
यही कारण है कि वह जांच रिपोर्ट को रेल मंत्रालय को एक महीने के भीतर सौंपेंगे। जबकि अंबाला मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार ने मंगलवार को कहा था कि रेलवे सेफ्टी कमिश्नर हादसे को लेकर काफी गंभीर हैं और वह अपनी जांच रिपोर्ट तीन दिन के भीतर रेल मंत्रालय को सौंप देंगे।
लोगों के बयान उलझा रहे हैं जांच अधिकारियों को
दिल्ली बड़ौदा हाउस से जानकारी मिली है कि रेलवे सेफ्टी कमिश्नर को जितने लोगों ने बयान दिए हैं वे मामले को उलझा रहे हैं। कमिश्नर को दर्ज करवाए गए बयानों की कॉपी का मिलान किया जाए तो सभी बयान एक-दूसरे को काट रहे हैं।
यही कारण है कि कमिश्नर को निर्णय लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कमिश्नर की जांच टीम में शामिल कुछ अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल निरीक्षण के दौरान कमिश्नर एसके पाठक को कई सुराग मिले हैं, जो जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे विदेशी घायल यात्री
टॉय ट्रेन हादसे में घायल यात्रियों को भले ही डाक्टरों ने मैक्स अस्पताल से मंगलवार को डिस्चार्ज कर दिया, लेकिन वे जब तक पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते हैं,तो भी भारत में ही रहेंगे।
रेल अधिकारियों ने हादसे में घायल विदेशी यात्रियों को पंचकूला के विष्टा होटल में ठहराया है। उनकी देखरेख के लिए डाक्टरों की एक टीम को तैनात किया गया है।
होटल और डाक्टरों का पूरा खर्च रेलवे उठाएगा। वहीं, डाक्टरों का कहना है कि विदेशी यात्रियों को पूरी तरह ठीक होने में करीब एक महीने का समय लगेगा।