हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने प्रदेश के दो जिलों के चुनाव कार्यक्रम में मामूली बदलाव किया है। राज्य चुनाव आयुक्त राजीव शर्मा ने वीरवार को बताया कि जिला कैथल व मेवात के उपायुक्तों के अनुरोध पर चुनाव कार्यक्रम में संशोधन किया गया।
जिला कैथल में फल्गु मेले के दृष्टिगत अब मतदान केवल पहले और तीसरे चरण में होगा, जबकि जिला मेवात (नूंह) में इस्लामिक जलसों के दृष्टिगत अब मतदान केवल दूसरे और तीसरे चरण में होगा।
हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने निर्दिष्ट किया है कि 4 अक्तूबर, 11 अक्तूबर और 18 अक्तूबर, 2015 को होने वाले पंचायत आम चुनाव के दौरान सभी सरपंचों, जिला परिषदों के सदस्यों तथा पंचायत समितियों के सदस्यों (पंचकूला और रेवाड़ी जिलों में) के लिए इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) द्वारा मतों की रिकार्डिंग करके मत दिए जाएंगे।
इसके अलावा, पंचकूला व रेवाड़ी जिलों को छोड़कर सभी पंचों और पंचायत समितियों के सदस्यों के संबंध में वोट बैलेट पेपर द्वारा दिया जाएगा।
पहचान पत्र साथ लेकर आने के सख्त निर्देश
चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि जिन मतदाताओं को विधानसभा तथा लोकसभा चुनावों के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं और पंचायत मतदाता सूची में भी मतदाता फोटो पहचान पत्र संख्या का उल्लेख किया गया है, उन्हें पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए मतदान के समय अपने पहचान पत्र प्रस्तुत करने होंगे।
राजीव शर्मा ने बताया कि पंचायत आम चुनाव के दौरान स्वयं चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों या उनके एजेंटों या उनके समर्थकों द्वारा मतदान के दिन किराए पर या खरीदकर दो से अधिक वाहनों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
109996 अधिकारी व कर्मचारी चुनाव ड्यूटी देंगे
राज्य चुनाव आयुक्त राजीव शर्मा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया में सुरक्षाकर्मियों के अलावा 109996 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया जाएगा। इनमें 1256 सुपरवाइजर और 1065 ड्यूटी मजिस्ट्रेट शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा सामान्य पर्यवेक्षक व खर्च पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए जाएंगे, जो चुनाव प्रक्रिया के संचालन पर और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के खर्च पर कड़ी नजर रखेंगे।
इसके अलावा मुख्यालय से भी नियमित मॉनीटरिंग की जाएगी। मतदान के दिन किसी भी प्रकार के समवर्ती हस्तक्षेप व किसी अन्य प्रकार की रुकावट को तुरंत दूर करने के लिए मुख्यालय व जिला स्तर तक एक उत्तम संचार योजना भी प्रभावी रहेगी।
शर्मा ने बताया कि संवेदनशील व अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों की वीडियोग्राफी भी की जाएगी। चुनाव आयोग की ओर से मुख्यालय और सभी जिला मुख्यालयों पर शिकायत प्रकोष्ठ भी स्थापित किया जाएगा, जहां पर चुनाव से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों का प्रतिदिन निपटान किया जाएगा।