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आयोग के सामने पेश न होकर न्याय को पीठ दिखा रहे हैं बडूंगर: सीएम कैप्टन

Tue, 03 Oct 2017 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एसजीपीसी प्रधान प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर पर न्याय प्रक्रिया में रुकावट डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बेअदबी मामलों की जांच कर रहे जस्टिस रणजीत सिंह आयोग के समक्ष पेश न होकर बडूंगर न्याय को पीठ दिखा रहे हैं।
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सीएम ने कहा कि सूबे में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के हित में गठित आयोग के सामने पेश होने के बजाय बडूंगर जांच में सहयोग देने से मना कर रहे हैं। जिससे उनके बेअदबी केसंबंध में पर्दा डालने के अनैतिक इरादे बेपर्दा हो गए हैं। बरगाड़ी समेत बेअदबी की तमाम घटनाओं की जांच को निष्पक्ष आयोग गठित करने का फैसला लिया गया था। जिसका मकसद सूबे की सांप्रदायिक गांठों को नुकसान पहुंचाने के जिम्मेवार लोगों को कानून केकठघरों में खड़ा करना है।

एसजीपीसी को इसका स्वागत करना चाहिए। सीएम ने कहा कि वह कमीशन की कार्रवाई में सरकार के दखल के हक में नहीं हैं। पर वह हर कीमत पर सूबे में शांति बनाए रखने को वचनबद्ध हैं। एसजीपीसी सिख अधिकारों की रक्षा को जिम्मेदार है, उसे बेअदबी के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। बहुत सी घटनाएं गुरद्वारों में घटी हैं, जिनका प्रबंध एसजीपीसी के पास है। हमेशा चुप रहने और अब आयोग को सहयोग न करके एसजीपीसी यह दर्शा रही है कि धार्मिक सद्भावना की रखवाली में उसकी कोई रुचि नहीं है। न्याय को पीठ दिखाना लोगों को उस संबंधी जानने के अधिकार से रोकना है, जो इन घटनाओं के प्रति जिम्मेवार हैं।
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