बहबल कलां कांड की जांच कर रहे पीपल्स कमीशन के प्रमुख जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा है कि साल 1984 के सिख दंग के समय जज भी कांग्रेस के समर्थक ही थे।
इसलिए दंगा रोकने में न्यायपालिका ने कोई अहम भूमिका नहीं निभाई। दंगे की जांच को बना रंगनाथ मिश्रा आयोग भी कांग्रेस का पक्षधर था। बाद में जस्टिस रंगनाथ मिश्रा कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सदस्य बने। जस्टिस काटजू ने कहा कि 1984 में न्यायपालिका का रोल ठीक नहीं था।
अदालत दंगे को रोकने में जो भूमिका निभा सकती थी, वह नहीं निभाई। उन्होंने कहा कि बादल परिवार के पासपोर्ट जब्त होने चाहिए, क्योंकि अगली सरकार अकाली दल की नहीं होगी और वे पंजाब से भागने की कोशिश करेंगे।
जस्टिस काटजू ने कहा कि पंजाब के लोग आम आदमी पार्टी के हक में हैं। हालांकि अरविंद केजरीवाल के पास विजन नहीं है, वह स्टंटबाज हैं। पंजाबी उनकी स्टंटबाजी को ही पसंद कर रहे हैं।