पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की वरिष्ठता सूची में दूसरे स्थान पर मौजूद जस्टिस अजय तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस के लिए रिटायरमेंट से ठीक 22 दिन पहले मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 21 मार्च है और जस्टिस तिवारी वहां आवेदन करना चाहते हैं।
जस्टिस अजय तिवारी 6 अप्रैल को रिटायर्ड हो रहे हैं। जस्टिस अजय तिवारी ने हाल ही में हरियाणा सरकार द्वारा स्थानीय नागरिकों को 75 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट में जब हरियाणा सरकार पहुंची तो बताया गया कि हाईकोर्ट ने सरकार का पक्ष ही नहीं सुना।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने रोक का आदेश रद्द करते हुए हाईकोर्ट को एक माह में याचिका का निपटारा करने का आदेश दिया था। मामला दोबारा जस्टिस अजय तिवारी के पास पहुंचा तो उन्होंने खुद को केस से अलग करते हुए सुनवाई के लिए नई बेंच के गठन के लिए इसे मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया।
जस्टिस अजय तिवारी के त्यागपत्र देने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की संख्या में और कमी आई है। हाईकोर्ट में जजों के 85 पद स्वीकृत हैं और वर्तमान में केवल 48 जज कार्यरत हैं। ऐसे में जस्टिस अजय तिवारी के त्यागपत्र देने से हाईकोर्ट में याचिकाओं का बोझ और बढ़ेगा। सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट के कोलाजियम ने 13 वकीलों के नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट से की है। इन्हें जज बनाने के निर्णय में अभी काफी समय लगेगा क्योंकि पहले सुप्रीम कोर्ट कोलाजियम इस पर फैसला लेगा और फिर राष्ट्रपति इनके नाम पर मुहर लगाएंगे।