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आईएएस अशोक खेमका की याचिका पर फैसला सुरक्षित, अप्रेजल रिपोर्ट में घटा दिए गए थे नंबर

Tue, 12 Mar 2019 10:29 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका
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हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका की ओर से अपनी एसीआर में मुख्यमंत्री द्वारा की गई नकारात्मक टिप्पणी के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस राजीव शर्मा एवं जस्टिस कुलदीप सिंह की खंडपीठ ने मामले में केंद्र सहित हरियाणा सरकार और खेमका का पक्ष सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा है।

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खेमका ने कैट के उस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जिसके तहत कैट ने खेमका की एसीआर में मुख्यमंत्री द्वारा की गई टिप्पणी को हटाने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी थी। मामला खेमका की वर्ष 2016-17 की एसीआर से जुड़ा है। 1991 बैच के आईएएस अशोक खेमका ने 7 जून 2017 को वर्ष 2016-17 के लिए अप्रेजल भरा था। 

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इसमें मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने उन्हें 10 में से 8.22 नंबर दिए। 27 जून को खेल एवं युवा मामलों के मंत्री अनिल विज ने उन्हें 10 में से 9.92 अंक देते हुए टिप्पणी की है कि कैबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने 3 साल में 20 से अधिक आईएएस अफसरों के साथ काम किया। लेकिन कोई भी अधिकारी खेमका के करीब नहीं था। खेमका की योग्यता, सच्चाई, ईमानदारी का कोई सानी नहीं। 

31 दिसंबर 2017 को खेमका की अप्रेजल रिपोर्ट मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास पहुंची। मुख्यमंत्री ने खेमका के अंक काम करते हुए उन्हें 10 में से 9 अंक दिए। साथ लिखा कि खेमका पर विज की रिपोर्ट में थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया गया है। खेमका ने इसी टिपण्णी के रद्द किए जाने की मांग को लेकर पहले कैट में याचिका दायर की थी।  कैट ने उनकी यह याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद खेमका ने कैट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कैट के फैसले, एसीआर में की गई टिप्पणी को भी रद्द करते हुए और मंत्री द्वारा दिए 9.92 नंबर बहाल करने की मांग की है। 
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