हरियाणा सरकार की ओर से प्लॉट आवंटियों के लिए कॉमन एरिया तय करने को गठित तीन सेवानिवृत्त जजों की समिति ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को फटकार लगाई है। हुडा अधिकारी एन्हांसमेंट की री-कैलकुलेशन को लेकर बीते कई महीनों से जजों की समिति के समक्ष जवाब प्रस्तुत नहीं कर पाए। रविवार को पंचकूला स्थिति हुडा कार्यालय में हुई सुनवाई के दौरान जजों की समिति ने जवाब दाखिल न करने पर कड़ा रुख दिखाया।
समिति ने हुडा के सेक्टरों में बिक्री के लिए मौजूद भूमि का चार्ट भी मुहैया कराने के लिए कहा था, लेकिन अधिकारियों ने वह भी प्रस्तुत नहीं किया। इससे समिति खफा दिखी। समिति में शामिल जजों राज राहुल गर्ग, प्रीतम पाल व बीबी प्रसून ने मौखिक तौर पर कहा कि अगर हुडा ने दस फरवरी 2019 को भी जवाब नहीं दिया गया तो वे बिना उनका पक्ष सुने फैसला दे देंगे।
हुडा को समिति कई बार अगली सुनवाई तक का समय दे चुकी है। अब और कोई समय नहीं दिया जाएगा। इस पर हुडा पंचकूला जोन के प्रशासक मुकेश आहूजा ने कहा कि प्राधिकरण अगली सुनवाई पर बिंदुवार जवाब दे देगा। इसलिए उन्हें समय दे दिया जाए। इस पर समिति ने दस फरवरी को जवाब दाखिल करने की डेडलाइन तय कर दी। जजों की समिति ने सुनवाई के दौरान कहा कि हुडा जवाब दाखिल क्यों नहीं कर रहा।
हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कंफेडरेशन की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों का जवाब देने के लिए हुडा अधिकारियों को क्या कोई पंचवर्षीय योजना की जरूरत होगी। अंतिम तारीख पर अगर जवाब नहीं दिया गया तो हुडा को एक्स-पार्टी कर दिया जाएगा। प्राधिकरण आवंटियों से वैसे भी सरकारी जमीन की एन्हांसमेंट नहीं ले सकता।
हुडा की ओर पैरवी करने पहुंचे सात अधिकारी
जजों की समिति के समक्ष पैरवी करने के लिए हुडा पंचकूला जोन के प्रशासक मुकेश आहूजा, मुख्य नियंत्रक वित्त राजेश जिंदल, एडीए नवनीत सिंह सोढी, एडीए हर्षी गोयल, मुख्य लेखा अधिकारी अश्वनी शर्मा, लेखा अधिकारी वितुल गौड़ व तरसेम मौजूद रहे, जबकि कन्फेडरेशन की ओर से एसएस गिल, सुभाष कपूर, डीएस हीरा, मनफूल चंद व आरआर पॉल ने पक्ष रखा। आवंटियों में आरके मलिक, रामकुमार, कृष्ण कुमार, विजेंद्र सिंह नेहरा, बीआर नेहरा, हरिदत्त शर्मा पेश हुए।
हुडा नहीं चाहता री-कैलकुलेशन करना : मलिक
कन्फेडरेशन के संयोजक यशवीर मलिक ने बताया कि हुडा एन्हांसमेंट की री-कैलकुलेशन करना ही नहीं चाहता। री-कैलकुलेशन में लगाई गई शर्तों को लेकर हुडा के खिलाफ जींद, पंचकूला, बहादुरगढ़ व रोहतक की आरडब्ल्यूए हाईकोर्ट गई थीं। हाईकोर्ट के निर्णय अनुसार हुडा की रिबेट योजनाओं का लाभ ले चुके आवंटियों की भी री-कैलकुलेशन होनी है। हाईकोर्ट ने हुडा की यह शर्त हटवा दी है कि रिटेब का लाभ ले चुके आवंटी कोर्ट नहीं जा सकते। मलिक ने कहा कि सरकार हाईकोर्ट के इस फैसले पर स्टे के लिए सुप्रीम कोर्ट गई हुई है। मामले की अगली सुनवाई पहली फरवरी को होगी।