हरियाणा सरकार ने ग्रुप डी के 18 हजार से अधिक पद भरने की अधिसूचना जारी करने के साथ ही कायदे-कानून कड़े कर दिए हैं। आवेदकों को 90 अंक की लिखित परीक्षा पास करनी होगी। इसके अलावा आवेदक अगर सामाजिक -आर्थिक प्रमाण पत्र की परिधि के दायरे में आता है तो उसे वह भी प्रस्तुत करना पड़ेगा। अनुभव अगर पूर्व में किसी विभाग में कच्ची नौकरी का है तो उसका प्रमाण पत्र देना भी जरूरी है। सामाजिक-आर्थिक व अनुभव प्रमाण पत्रों के कुल दस अंक निर्धारित किए गए हैं।
जिसके पास जितना अधिक अनुभव और निर्धारित श्रेणियों के प्रमाण पत्र होंगे, उसे दस में से उतने ज्यादा अंक मिलेंगे। सरकार ने फर्जीवाड़े की आशंका को खत्म करने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी हैं। सभी प्रशासनिक सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों, डीसी, बोर्ड-निगमों के सीए-प्रबंध निदेशकों, यूनिवर्सिटी व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि ग्रुप डी के आवेदकों के प्रमाण पत्रों के साथ ही व्यक्तिगत तौर पर दिए जाने वाले हल्फनामों की गहनता से जांच की जाए।
अगर कोई आवेदक गलत हल्फनामे के आधार पर नौकरी पा लेता है, और विभागाध्यक्ष को उसकी जानकारी मिलती है तो जांच की जाए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाए। इसके साथ ही कर्मचारी पर आपराधिक मामला भी दर्ज कराएं। सभी विभाग इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें ताकि भर्तियों में हर तरह की धांधली खत्म हो सके।
प्रमाण पत्र को पंचायत सदस्य से लेकर एमपी-एमएलए कर सकेंगे सत्यापित
मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से सामाजिक आर्थिक व अनुभव प्रमाण जारी करने के अलावा सत्यपान प्राधिकारियों की सूची भी जारी कर दी गई है। अनाथ होने का प्रमाण पत्र को संबंधित क्षेत्र के पंचायत सदस्य, प्रधान, पार्षद, सांसद, विधायक सत्यापित कर सकेंगे। इसे नायब तहसीलदार व तहसीलदार की ओर से जारी किया जाएगा। विधवा प्रमाण पत्र को संबंधित क्षेत्र के पंचायत सदस्य, प्रधान, पार्षद, सांसद, विधायक सत्यापित कर सकेंगे। इसे नायब तहसीलदार व तहसीलदार की ओर से जारी किया जाएगा। विमुक्त और टपरीवास जाति का प्रमाण पत्र राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के तय प्रारूप अनुसार मिलेगा। अनुभव प्रमाण पत्र संबंधित विभाग का मुखिया देगा। आवेदक बेरोजगार होने का स्वप्रमाणित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा।