गौतम ने दुष्यंत द्वारा 11 विभाग लिए जाने पर एक बार फिर से अपनी भड़ास जमकर निकाली और कहा कि अनूप धानक तो तुम्हारे घर का है, गरीब बिरादरी से है। उसे भी राज्यमंत्री ही बनाया। यह गरीब बिरादरी की तौहीन की है। 11 विभाग डकार रहा है, एक तो दे दे इसे। उसकी भी तौहीन की। उन्होंने कहा कि मेरा अपना आधार है। जोगीराम सिहाग, देवेंद्र बबली का अपना वजूद है। रामनिवास काबिल लड़का है, उसका भी वजूद है। ईश्वर सिंह तो पहले भी एमएलए रहा है, एचपीएससी मेंबर रहा है। पर दुष्यंत ने किसी को छुआ भी नहीं।
मेरा मन नहीं था, पर घर आकर टिकट दे गए
गौतम ने कहा कि मेरा काल आया था बुढ़ापे में। इस गली का पता नहीं था। कुछ लोग एमएलए के लिए हरियाणा का बीज मरवा देते हैं, आईएम वन ऑफ देम। मैं बहुत महापापी आदमी हूं, मैंने बहुत बड़ा पाप किया है। मेरा एमएलए बनना सत्यानाश करने वाला काम हो गया। अबकी बार मेरा मन भी नहीं था, पर घर आकर टिकट दे गए। बेटे ने भी सत्यानाश करवा दिया। औलाद के आगे बेबस होना पड़ता है।
दुष्यंत पर जाट नेताओं को खत्म करने का आरोप
विधायक गौतम ने दुष्यंत चौटाला पर जाट नेताओं को खत्म करने का आरोप भी जड़ा। उन्होंने कहा कि इनका (दुष्यंत) एक फंडा था कि जितने बड़े जाट नेता हैं, उनको खत्म करो। कैप्टन का सर्वे करवाया कि किस तरह हारेगा। कैप्टन अभिमन्यु और अजय चौटाला साढू हैं, लेकिन उस समय कैप्टन को खत्म करना था। सर्वे करवाकर पता करवाया कि कैप्टन को रामकुमार गौतम हरा सकता है। मुझे पागल बना दिया। हुड्डा को हराने के लिए दिग्विजय को खड़ा कर दिया। सुरजेवाला के लिए भी यही सिस्टम था।
गौतम ने कहा कि तकलीफ मुझे मंत्री न बनने की नहीं, विरोधियों से समझौता करने की है। सेटिंग करके हमारा हलका बेच दिया। पार्टी छोड़ने के बारे में गौतम ने कहा कि एमएलए बनाने में किसी का अहसान थोड़े ही है, जनता ने बनाया है। मैं एमएलए रहूंगा। केवल पद से इस्तीफा दिया है। मैं तो पांच साल के लिए एमएलए बना हूं। जब तक ऐसे हालात नहीं बनते कि पार्टी छोड़ने की नौबत आ जाए, इस्तीफा नहीं दूंगा। एमएलए बना हूं तो अपनी ताकत से बना हूं। जितने वोट उसने मुझे दिलवाए हैं, उससे ज्यादा मैंने उन्हें दिलवाए हैं।
पिता और दादा से कुछ नहीं सीखा:
गौतम ने कहा कि कहा कि इनके पिता-दादा पर आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा चला, फिर भी इसने कुछ नहीं सीखा। हरेक जानता है कि जब आदमी आता है, खाली हाथ आता है। जाता है तो भी खाली हाथ जाता है। ये तो मोहम्मद गजनवी बन रहे हैं। बाकी एमएलए भी खुश नहीं हैं, लेकिन जता नहीं रहे। वे भी इससे अधिक काबिल हैं।
जजपा नेताओं की कोई विचारधारा नहीं, सभी मौकापरस्त : हुड्डा
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जजपा के नेता एक-दूसरे से किसी विचारधारा से नहीं बंधे हैं। हुड्डा ने कहा कि जिस तरह जजपा बनी है और उसका सरकार बनाने के लिए गठबंधन हुआ है, यह दर्शाता है कि उनमें मतभेद हैं। इन सबकी समान विचारधारा नहीं है। ये सभी मौकापरस्त हैं। कांग्रेस नेता ने भाजपा और जजपा गठबंधन सरकार को अपना कॉमन मिनिमम प्रोग्राम जारी न करने पर भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि तीन महीने हो गए लेकिन गठबंधन सरकार आगे क्या करेगी, उसे यह भी नहीं पता।