भाजपा-जजपा गठबंधन की हरियाणा सरकार को राजभवन में ही नहीं, विधानसभा सत्र में भी बहुमत साबित करना होगा। यह एक परंपरा है और इस पर सुप्रीम कोर्ट भी फैसला सुना चुकी है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट व आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत कुमार ने इस संबंध में कानूनी पहलुओं का हवाला देते हुए राज्यपाल को पत्र भी लिखा है।
उन्होंने मांग की है कि बहुमत साबित करने का असली स्थान विधानसभा है, न कि राजभवन। दरअसल, हरियाणा में भाजपा-जजपा सरकार सत्ता पर काबिज हो चुकी है। दिवाली के दिन राजभवन में सीएम मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला शपथ ले चुके हैं।
सीएम ने जजपा के दस और सात निर्दलीय विधायकों के समर्थन पत्र सहित कुल 57 विधायकों की सूची राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को सौंपी है। जिसके बाद शपथ समारोह के जरिए नई सरकार अस्तित्व में आ गई, लेकिन नव गठित सरकार के लिए हरियाणा विधानसभा के पहले सत्र में सदन में भी विश्वास मत हासिल करना आवश्यक है।