बजट में सोने चांदी पर कस्टम ड्यूटी में मिली छूट का असर लगातार मार्केट पर देखने को मिल रहा है। सेक्टर-22 स्थित सुनार शो रूम के ओनर अनिल गोयल ने बताया कि शुरू के एक हफ्ते के दौरान जो भीड़ शोरूम पर आने शुरू हुई थी वह अब भी बरकरार है।
सोने-चांदी के दाम में आई गिरावट से त्योहारी सीजन न होने के बावजूद चंडीगढ़ के सर्राफा व्यापार में तेजी आ गई है। आभूषण के शोरूम पर सुबह से लेकर देर शाम तक खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है।
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सराफा कारोबारियों का कहना है कि आभूषण की दुकानों पर आने वाले खरीदारों में सिर्फ शहर के ही नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर तक के खरीदार शामिल हैं। उनका कहना है कि जो डिजाइन और गुणवत्ता उन्हें चंडीगढ़ के आभूषणों में मिलती है वैसी बात कहीं और नहीं। वहीं, युवा जेनरेशन परंपरागत सोने-चांदी के आभूषणों की बजाय एंटीक और आधुनिक डिजाइन के समावेश को ज्यादा पसंद कर रही है।
1 ग्राम से 600 ग्राम तक के सेट
सेक्टर-34 स्थित शाम ज्वैलर्स के ओनर गगन खुराना ने बताया कि देश में सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी में मिली छूट के कारण सराफा व्यापार बूम पर है। मौजूदा समय में सामान्य की तुलना में 10 गुना ज्यादा डिमांड हो रही है। ऐसी स्थिति में ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए 1 ग्राम से लेकर 600 ग्राम तक के सेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, ग्राहकों को सबसे ज्यादा एंटीक और टेंपर ज्वेलरी पसंद आ रही है।
इन्वेस्ट के लिए बेहतर अवसर
वही चंडीगढ़ सराफा एसोसिएशन के निदेशक व सेक्टर-35 स्थित सुंदर ज्वैलर्स के ओनर महेंद्र खुराना का कहना है कि कस्टम ड्यूटी में मिली छूट के कारण मौजूदा समय में आभूषण की दुकानों पर त्योहार जैसी भीड़ उमर रही है। लोग तीन-चार महीने बाद होने वाले वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ ही इन्वेस्टमेंट के लिए भी सोने चांदी की खरीदारी कर रहे हैं। वही टीनएजर्स का भी रुझान सोने चांदी के आभूषणों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सोने चांदी के रेट सिर्फ भारत में ही काम हुए हैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब भी कीमत कम नहीं हुई है। इसकी जानकारी होने के कारण भी खरीदार इस अवसर का लाभ उठा रहे हैं।
बजट के बाद से डिमांड बरकरार
बजट में सोने चांदी पर कस्टम ड्यूटी में मिली छूट का असर लगातार मार्केट पर देखने को मिल रहा है। यह कहना है सेक्टर-22 स्थित सुनार शो रूम के ओनर अनिल गोयल का। उन्होंने बताया कि शुरू के एक हफ्ते के दौरान जो भीड़ शोरूम पर आने शुरू हुई थी वह अब भी बरकरार है। इसे ध्यान में रखते हुए आभूषणों के नए-नए डिजाइन पर लगातार काम किया जा रहा है क्योंकि युवा वर्ग को परंपरावादी चीजों की बजाय नई चीज ज्यादा आकर्षित करती हैं।