चंडीगढ़ में 50 गैर मान्यता प्राप्त स्कूल बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर चलाए जा रहे हैं। आग लगने की सूरत में इन स्कूलों में पढ़ रहे 6500 से अधिक बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और न ही निकासी योजना है। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की ओर से गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की निरीक्षण रिपोर्ट में हुआ है, जिसकी जानकारी बीते दिन शिक्षा विभाग ने अपनी वेबसाइट पर साझा की है।
रिपोर्ट के पॉइंट नौ में अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और 11वें पॉइंट में निकास की जरूरत पड़ने पर खुली सीढ़ियां और रैंप की जानकारी के बारे में पूछा गया है।
शहर में हो चुकी आग की घटनाएं
पिछले छह महीने में पीजीआई से लेकर क्रॉकरी गोदाम से लेकर दुकान, घरों और झुग्गियों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, जहां लोगों की जानें गई हैं। इसके बावजूद शहर में 50 स्कूल बिना अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र के चल रहे हैं। इसमें अधिकतर स्कूल पेरीफेरी एरिया के हैं। कई स्कूल 70-80 के दशक में खुले हैं और पिछले 50-60 साल से वह विभाग से बिना मान्यता प्राप्त किए, बिना अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र लिए चल रहे हैं। इसमें अधिक स्कूल प्राइमरी कक्षाओं तक चल रहे हैं और डड्डूमाजरा, मलोया, मनीमाजरा, मौलीजागरां, सेक्टर-40, सेक्टर-41 बुटरेला, दड़िया और धनास में हैं।
तीन स्कूलों के परफॉर्मा में अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र का कॉलम ही नहीं
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की 133 पन्नों की निरीक्षण रिपोर्ट में हर स्कूल का निरीक्षण परफॉर्मा भर कर दिया है, जिसे सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने भरा है। परफॉर्मा में 13 पॉइंट और सब पॉइंट दिए हैं। 66 से अधिक स्कूलों की रिपोर्ट में सिर्फ तीन स्कूलों के परफॉर्मा ऐसे हैं, जिसमें अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र का पॉइंट है ही नहीं। इन तीन स्कूलों के परफॉर्मा का फॉरमेट अन्य से थोड़ा अलग है। इसमें नौवें पॉइंट के दो सब पॉइंट और 10वें पॉइंट सम्मिलित नहीं है। यह तीन स्कूल हैं, एसएस पब्लिक स्कूल, विश्व पब्लिक स्कूल और चंदा मॉडल स्कूल। तीनों स्कूल मौलीजागरां में हैं।
बच्चों की सुरक्षा के सही इंतजाम रखना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। आयोग मामले में संज्ञान लेगा और शिक्षा विभाग के साथ मिलकर काम करेगा। सभी स्कूलों को निर्देश जारी करेंगे कि वह सभी मानकों को पूरा कर मान्यता प्राप्त करें। -शिप्रा बंसल, सीसीपीसीआर अध्यक्ष