शिकायतकर्ता कपिल के मुताबिक उन्होंने एक मार्च 2024 को सोलर कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, जिसे पांच अप्रैल 2024 को जारी कर दिया गया, लेकिन यह जानकारी विभागीय रिकॉर्ड में अपडेट नहीं की गई, जिसकी वजह से उनका बिजली बिल सोलर यूनिट की कटौती के बिना 8 हजार 240 रुपये की अतिरिक्त राशि के साथ जारी किया गया।
हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने बिजली विभाग की खामियों के चलते विभाग के जूनियर इंजीनियर पर तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही शिकायतकर्ता को तीन हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने पानीपत निवासी कपिल ग्रोवर की सोलर कनेक्शन के बाद बिजली बिल में सुधार न होने की शिकायत में देरी और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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शिकायतकर्ता कपिल के मुताबिक उन्होंने एक मार्च 2024 को सोलर कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, जिसे पांच अप्रैल 2024 को जारी कर दिया गया, लेकिन यह जानकारी विभागीय रिकॉर्ड में अपडेट नहीं की गई, जिसकी वजह से उनका बिजली बिल सोलर यूनिट की कटौती के बिना 8 हजार 240 रुपये की अतिरिक्त राशि के साथ जारी किया गया। आयोग के प्रवक्ता के मुताबिक जूनियर इंजीनियर सुखविंदर सिंह ने कनेक्शन अपडेट करने में देरी की और सोलर मीटर की प्रारंभिक रीडिंग गलत डाली गई, जिससे उपभोक्ता को गलत बिल थमाया गया।
इस लापरवाही के लिए आयोग ने जेई पर 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और शिकायतकर्ता को 3 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही प्रथम स्तर की शिकायत निवारण प्राधिकरण के रूप में सहायक अभियंता कुलदीप पुनिया और द्वितीय स्तर की शिकायत निवारण प्राधिकरण के रूप में कार्यकारी अभियंता सुरेश की ओर से शिकायत का गलत तरीके से समाधान करने पर आयोग ने दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से की है। आयोग ने पाया कि दोनों अधिकारी बिना उपभोक्ता को सुनवाई का अवसर दिए शिकायत बंद कर चुके थे, जबकि समस्या बनी हुई थी।