हरियाणा सरकार की ओर से नियुक्त 1750 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक जारी रखी है। इनका परिणाम घोषित हुआ था और नियुक्ति पत्र जारी होने वाले थे। इसी बीच, वर्ष 2012 की भर्ती के वेेटिंग सूची वाले तीन उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट पहुंच कर उन्हें दरकिनार करने का आरोप लगाया था।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अमित रावल ने हरियाणा सरकार को न केवल नोटिस जारी किया था, बल्कि 1750 नियुक्त जेबीटी शिक्षकों की भर्ती की अगली प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी थी। सोमवार को हाईकोर्ट ने यह रोक जारी रखी है। इसी याचिका में कुछ चयनित उम्मीदवारों ने प्रतिवादी बनने की अर्जी दाखिल की, लेकिन वेटिंग सूची वालों ने इसका विरोध करते हुए पुख्ता जवाब दाखिल करने को समय मांगा। हाईकोर्ट ने सुनवाई 10 अगस्त तक स्थगित कर दी है।
अंबाला की दलविंदर कौर समेत तीन ने एडवोकेट गौतम दीवान के माध्यम से दायर याचिका में आरोप लगाया था कि सरकार ने जिन 1750 उम्मीदवारों का परिणाम घोषित किया है, उन्हें वर्ष 2012 की भर्ती के योग्य नहीं माना जा सकता। याचिका में कहा कि 2012 की भर्ती के 976 उम्मीदवार वेटिंग सूची में थे। सरकार ने एक मामले में हाईकोर्ट में यह भी कहा था कि शिक्षा विभाग के पास जेबीटी के पर्याप्त पद खाली पड़े हैं। ऐसे में यदि पद खाली थे तो नौकरी पर 2012 की भर्ती के वेटिंग सूची वालों का हक पहले बनता है।
2012 में एचटेट नहीं हुआ
याचिका में आरोप लगाया कि जिन 1750 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, उन्होंने 2012 की भर्ती के आवेदन की आखिरी तारीख से पहले एचटेट पास नहीं किया था, लेकिन इन उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी कि वर्ष 2012 में एचटेट नहीं हुआ, लिहाजा उनके नाम पर भर्ती के लिए विचार किया जाना चाहिए। उधर, सरकार ने भी एक मामले में इन उम्मीदवारों को एचटेट से छूट देने की मंशा जाहिर की थी।
हाईकोर्ट ने इन उम्मीदवारों की याचिका अप्रैल महीने में खारिज कर दी थी। याचिका में आरोप है कि जब आवेदन की तारीख से पहले इन उम्मीदवारों ने एचटेट पास ही नहीं किया तो वर्ष 2012 की भर्ती में उनका चयन कैसे हो सकता है। उनसे पहले इसी भर्ती के वेटिंग सूची के उम्मीदवार हकदार हैं।