डिप्टी कमिश्नर परनीत शेरगिल व बस्सी पठाना विधायक रुपिंदर सिंह हैपी ने जवान तरणदीप सिंह को श्रद्धांज
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लेह हादसे में पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव कमाली के 23 वर्षीय जवान तरणदीप सिंह ने भी बलिदान दिया। सोमवार को जैसे ही शहीद का ताबूत गांव में उतरा तो माहौल गमगीन हो गया। किसी के घर चूल्हा नहीं जला। तरणदीप की मां ने पानी तक नहीं पिया।
पिता ने कहा कि तरनदीप सिंह में देश सेवा का बड़ा जुनून था। तरणदीप के घर पहुंचे बस्सी पठाना के विधायक रुपिंदर सिंह हैपी ने कहा कि देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले देश के हीरो का हमेशा सम्मान किया जाएगा।
सरकार को उनके परिवार से पूरी सहानुभूति है। हरसंभव सहयोग एवं सम्मान देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। तरणदीप सिंह 2018 में सेना ज्वाइन की थी। शहीद तरणदीप सिंह के पिता केवल सिंह किसान हैं। पिता केवल सिंह के अनुसार तरणदीप सिंह कुछ समय पहले छुट्टी पर आया था। पिता के मुताबिक तरणदीप सिंह अपने साथियों के साथ ड्यूटी पर कहीं जा रहा था तभी रास्ते में हादसा हो गया।
सैनिक तरणदीप सिंह के घर डिप्टी कमिश्नर परनीत शेरगिल पहुंचीं। उन्होंने कहा कि आज शहीद तरणदीप सिंह का पार्थिव शरीर पैतृक गांव कमाली लाया गया। यहां शासन-प्रशासन ने शहीद को नमन किया।
इस दौरान डीसी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि वह परिवार की भावनाओं को अच्छी तरह से समझती हैं, क्योंकि वह भी एक सैन्य परिवार से हैं और उनके पिता ने भी भारतीय सेना की उच्चतम परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए कश्मीर में 21 अगस्त को ही बलिदान दिया था।
उल्लेखनीय है कि डिप्टी कमिश्नर परनीत शेरगिल के पिता ब्रिगेडियर बलविंदर सिंह शेरगिल भी साल 2000 में आज ही के दिन (21 अगस्त) को जम्मू-कश्मीर में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में बलिदान देने वाले बलविंदर सिंह शेरगिल ब्रिगेडियर रैंक के एकमात्र अधिकारी थे।