आरक्षण को लेकर जाट नेताओं ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। रणनीति तैयार हो गई है, जिसके तहत बड़ा फैसला लिया गया।
आरक्षण के लिए जाट हरियाणा और उत्तरप्रदेश में पंचायत चुनाव के बाद देशव्यापी आंदोलन छेड़ेंगे। मय्यड़ में रविवार को हरियाणा के हिसार में शहीद दिवस समारोह में पहुंचे प्रदेश सहित कई राज्यों से आए जाट संगठनों और आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने यह निर्णय किया।
आंदोलन के दौरान रेल, पानी तथा रिफाइनरियों से देश के अन्य हिस्सों में तेल की आपूर्ति रोकी जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया खत्म होते ही आंदोलन के तहत लगाए जाने वाले पड़ावों की तारीख घोषित कर दी जाएगी। भाजपा और कांग्रेस को चेताया कि जाट आरक्षण का विरोध कर रहे सांसद राजकुमार सैनी तथा कुमारी सैलजा पर रोक नहीं लगाई तो 2017 के यूपी के चुनाव में दोनों दलों को खमियाजा भुगतना होगा।
वर्ष 2010 के जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान शहीद हुए सुनील श्योराण की पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित शहीद दिवस समारोह में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने आंदोलन की अगली रणनीति का एलान किया। उन्होंने कहा कि पहले चरण में सांकेतिक रोड जाम, 27 जुलाई को प्रदर्शन तथा चार अगस्त को वित्तमंत्री के आवास का घेराव किया था।
दूसरे चरण में जाट बाहुल्य क्षेत्रों से बने सांसद, विधायकों पर दबाव बनाएंगे। मलिक ने कहा कि इनेलो की तरह कांग्रेस तथा भाजपा भी विधानसभा व लोकसभा में जाट आरक्षण पर अपना स्टैंड स्पष्ट करे। पंजाब, जम्मू- कश्मीर, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश में भी जाट आरक्षण लागू किया जाए।
तीसरे चरण में डालेंगे रेललाइनों पर पड़ाव
मलिक ने कहा कि तीसरे चरण में देशव्यापी आंदोलन होगा। हरियाणा तथा यूपी में पंचायत चुनाव के बाद रेल लाइनों पर पड़ाव डाला जाएगा। पानीपत तथा मथुरा रिफाइनरी से तेल की सप्लाई नहीं होने दी जाएगी। इतना ही नहीं सोनीपत तथा मुरादनगर में दिल्ली की ओर जाने वाली नहरों का पानी रोका जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार 30 नवंबर या अगले विधानसभा सत्र तक जाट आरक्षण बिल लाए। यह समय खत्म होते ही पड़ाव की शुरूआत कर दी जाएगी। केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग संसोधन बिल लाकर आरक्षण का रास्ता निकाले। केंद्र सरकार ने यह कदम नहीं उठाया तो देशव्यापी आंदोलन होगा।