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चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न: चुनावी साल में केंद्र का बड़ा दांव, भाजपा की ओर झुक सकता है जाट-किसान मतदाता

Sat, 10 Feb 2024 01:17 AM IST
ajay kumar गौरव त्रिपाठी, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने का फैसला भाजपा को चुनावी साल में फायदा दे सकता है। किसान आंदोलन के बाद नाराज जाट समाज फिर भाजपा की ओर झुक सकता है। हरियाणा के खाप नेताओं ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा का स्वागत किया है।
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पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसानों और जाटों के बीच खास स्थान रखने वाले चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा का केंद्र सरकार को चुनाव में लाभ मिल सकता है। पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह के अलावा कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भी भारत रत्न दिया जाएगा। स्वामीनाथन को हरित क्रांति के जनक और किसानों की दशा सुधारने की पैरोकारी करने वाले के रूप में जाना जाता है। केंद्र सरकार की यह घोषणा हरियाणा के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान की राजनीति को खासा प्रभावित करेगी। हरियाणा के खाप नेताओं ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने का स्वागत करते हुए खुशी जताई है।

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चुनावी साल में चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने के गहरे राजनीति मायने हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हापुड़ से आने वाले चौधरी चरण सिंह को जाट समाज के सर्वमान्य नेता के रूप में मान्यता मिली है। पश्चिमी यूपी के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान के जाट समाज के लोग उनसे भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। 

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2014 के चुनाव में भाजपा को जाट मतदाताओं का खासा वोट मिला था लेकिन मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में तीन कृषि कानूनों को लाने के बाद से केंद्र और राज्य सरकार जाट समाज व किसानों की नाराजगी झेल रही है। वर्तमान में भी हरियाणा और पंजाब के किसान एमएसपी को लेकर कानून बनाने समेत 12 मांगों को लेकर आंदोलित हैं। उन्होंने 13 फरवरी को दिल्ली कूच का एलान कर रखा है। हिंदू जाट की आबादी वाला सबसे बड़ा प्रदेश हरियाणा है। यहां 31 प्रतिशत हिंदू जाट हैं। इसके अलावा करीब पांच फीसदी सिख और एक फीसदी बिश्नोई जाट भी यहां बसते हैं।

हरियाणा विधानसभा में 25 विधायक जाट समाज से

2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में जाट समाज से 25 विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे थे। इनमें से नौ विधायकों का सबसे बड़ा हिस्सा कांग्रेस के पास है। पांच-पांच विधायक भाजपा और जजपा के टिकट पर चुने गए। इनेलो से भी एक विधायक इस समाज से है। इसके अलावा पांच निर्दलीय विधायक भी जाट समाज से हैं।

पश्चिमी यूपी और पंजाब में भी फायदा

पंजाब में सबसे अधिक 38 फीसदी जाट आबादी है। हालांकि, इसमें से 35 फीसदी जाट सिख धर्म से हैं और तीन प्रतिशत हिंदू धर्म को मानने वाले जाट हैं। पश्चिमी यूपी में 17 फीसदी हिंदू जाट और 2 फीसदी सिख जाट बसते हैं। राजस्थान में 20 फीसदी हिंदू, 2 फीसदी बिश्नोई, 2 फीसदी सिख और एक फीसदी अंजना जाट हैं। वहीं, दिल्ली में 10 से 12 फीसदी, मध्य प्रदेश में चार से पांच फीसदी, गुजरात में करीब 8 फीसदी, जम्मू-कश्मीर में सात से आठ फीसदी और उत्तराखंड में 4 से 5 फीसदी आबादी जाटों की है।
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