2014 के चुनाव में भाजपा को जाट मतदाताओं का खासा वोट मिला था लेकिन मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में तीन कृषि कानूनों को लाने के बाद से केंद्र और राज्य सरकार जाट समाज व किसानों की नाराजगी झेल रही है। वर्तमान में भी हरियाणा और पंजाब के किसान एमएसपी को लेकर कानून बनाने समेत 12 मांगों को लेकर आंदोलित हैं। उन्होंने 13 फरवरी को दिल्ली कूच का एलान कर रखा है। हिंदू जाट की आबादी वाला सबसे बड़ा प्रदेश हरियाणा है। यहां 31 प्रतिशत हिंदू जाट हैं। इसके अलावा करीब पांच फीसदी सिख और एक फीसदी बिश्नोई जाट भी यहां बसते हैं।
हरियाणा विधानसभा में 25 विधायक जाट समाज से
2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में जाट समाज से 25 विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे थे। इनमें से नौ विधायकों का सबसे बड़ा हिस्सा कांग्रेस के पास है। पांच-पांच विधायक भाजपा और जजपा के टिकट पर चुने गए। इनेलो से भी एक विधायक इस समाज से है। इसके अलावा पांच निर्दलीय विधायक भी जाट समाज से हैं।
पश्चिमी यूपी और पंजाब में भी फायदा
पंजाब में सबसे अधिक 38 फीसदी जाट आबादी है। हालांकि, इसमें से 35 फीसदी जाट सिख धर्म से हैं और तीन प्रतिशत हिंदू धर्म को मानने वाले जाट हैं। पश्चिमी यूपी में 17 फीसदी हिंदू जाट और 2 फीसदी सिख जाट बसते हैं। राजस्थान में 20 फीसदी हिंदू, 2 फीसदी बिश्नोई, 2 फीसदी सिख और एक फीसदी अंजना जाट हैं। वहीं, दिल्ली में 10 से 12 फीसदी, मध्य प्रदेश में चार से पांच फीसदी, गुजरात में करीब 8 फीसदी, जम्मू-कश्मीर में सात से आठ फीसदी और उत्तराखंड में 4 से 5 फीसदी आबादी जाटों की है।