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जाट आरक्षण: मुनक नहर पर पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात, सोशल साइट्स पर भी निगरानी

Fri, 27 Jan 2017 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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- फोटो : File Photo
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आरक्षण आंदोलन की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन इस बार कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता है। इस कारण पहले ही पैरा मिलिट्री फोर्स को बुला लिया गया है और उसको सबसे पहले मुनक नहर पर तैनात किया गया है, जिससे दिल्ली का पानी ना रोका जा सके। क्योंकि दिल्ली का पानी रोके जाने से केंद्र तक हलचल शुरू हो जाती है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से मांगी गई अन्य अतिरिक्त फोर्स भी 29 जनवरी से पहले यहां पहुंच जाएगी।
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आंदोलन की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन की ओर से 15 कंपनी पैरा मिलिट्री फोर्स व 15 कंपनी हरियाणा पुलिस के जवानों की मांगी गई थी। इनमें से एक कंपनी आरएएफ व दो कंपनी सीआरपीएफ की यहां भेज दी गई है। इन्हें सबसे पहले मुनक नहर पर तैनात किया गया है। गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी माह में आरक्षण आंदोलन में मुनक नहर का पानी दिल्ली जाने से रोक दिया गया था।

इसी कारण ऐहतियात के तौर पर यहां पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात की गई है। डीसी केएम पांडुरंग ने बताया कि जितनी भी अतिरिक्त फोर्स मांगी गई थी, वह 29 जनवरी से पहले यहां पहुंच जाएगी। डीसी के अनुसार मुनक नहर के किनारे के गांव के लोगों से अधिकारी लगातार संपर्क कर रहे हैं और उनसे शांति बनाए रखने में सहयोग मांगा जा रहा है।
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जाट आंदोलन को लेकर सोशल साइट्स की निगरानी

- फोटो : File Photo
हरियाणा सरकार ने प्रस्तावित जाट आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था के मद्देनजर कड़े कदम उठाने के साथ ही किसी भी कार से हिंसा न होने को लेकर एहतियात बरतना शुरू कर दी है। सोशल साइट्स के जरिए जाट आंदोलन को भड़काया न जा सके, इसलिए पुलिस सोशल मीडिया की निगरानी में जुट गई है। 

पुलिस मुख्यालय में सोशल मीडिया लैब में सभी साइट्स पर पैनी निगाह रखी जा रही है। भड़काऊ पोस्ट या कमेंट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जाट आंदोलन को लेकर साइट्स पर किसी प्रकार की कोई मुहिम तो नहीं चल रही है, इसकी भी निरंतर मानीटरिंग जारी है। बीते वर्ष फरवरी महीने में हुए हिंसक जाट आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने में उपद्रवियों ने सोशल साइट्स का सहारा लिया था।

सरकार और पुलिस की जानकारी में आने पर उपायुक्तों को निर्देश देकर अधिक हिंसा प्रभावित जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। इन्हें आंदोलन खत्म होने के बाद स्थिति सामान्य होने पर ही जारी किया गया था। इस बार सोशल साइट्स के जरिए आंदोलनकारियों को कोई उकसा न सके, इसलिए अभी से पुलिस सोशल मीडिया लैब में रोजाना साइट्स पर नजर रख रही है। एडीजीपी मोहम्मद अकील ने कहा कि पुलिस जाट आंदोलन के मद्देनजर सतर्क है। आंदोलनकारियों ने शांतिपूर्वक धरनों का आश्वासन दिया है, बावजूद इसके चौकसी बरती जा रही है। सोशल साइट्स पर मुख्यालय के अलावा जिलों में भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

आदेश का इंतजार नहीं, बस सीधी कार्रवाई 
भिवानी। जाट आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) मोहम्मद अकील ने कहा कि उपद्रवियों से कठोरता से निपटेगी। एडीजीपी ने निर्देश दिए कि आदेश का इंतजार न करें मौके के मुताबिक अपने विवेक से काम लेते हुए सीधी कार्रवाई करें। इस बात का ख्याल रखें कि खाकी पर दाग न लगे।
 
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