आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर जहां पुलिस और प्रशासन अलर्ट हैं, वहीं जाट संगठनों ने भी अपनी तरफ से तैयारी पूरी कर ली है। जाट नेताओं ने सोमवार को रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता कर पांच जून से शुरू होने वाले धरने के बारे में जानकारी दी।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष राजेश दहिया ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्वक होगा और धरने पर पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम और फोन नंबर लिखा जाएगा ताकि कोई अप्रिय घटना हो तो निपटा जा सके। उन्होंने बताया कि आंदोलन हिसार में मय्यड़ से शुरू होगा और दिल्ली में 6 जून से, उत्तरप्रदेश में 8 जून से शुरू होकर 25 जून तक पूरे देश में फैल जाएगा। दहिया ने बताया कि इस बार हाईवे, पानी या रेलवे ट्रैक से दूरी बनाए रखेंगे, ताकि हालात बिगड़ने पर भी किसी का कोई नुकसान नहीं हो।
उन्होंने चेतावनी दी है कि शुरुआत में हालात बिगड़े तो हम जिम्मेवारी लेंगे और अगर बाद में हालात बिगड़े तो जिम्मेदारी सरकार की होगी। समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष मूलचंद दहिया ने कहा कि जाट समुदाय को सरकार की तरफ से कृषि यंत्रों को भी उठाने की मनाही है। आरक्षण के लिए हर बच्चा लड़ाई लड़ेगा।
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जनआंदोलन कभी नोटिसों व लाठियों से नहीं दबाए सकते। नोटिसों से जाट कौम घबराने वाली नहीं है, बल्कि इससे उनके इरादे और भी मजबूत होंगे। सरकार नोटिस देकर जाटों को डराने की बजाय हाईकोर्ट में जाट आरक्षण को बचाने के लिए पैरवी करने में ध्यान लगाए।
पवनजीत बनवाला, राष्ट्रीय प्रधान, अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा