हरियाणा में जाटों समेत छह जातियों के लिए आरक्षण पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से रोक लगाए जाने से बैकफुट पर आई प्रदेश सरकार इसी हफ्ते हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करेगी। इस संबंध में सरकार की ओर से तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
पिछले हफ्ते ही प्रदेश सरकार और राज्य के महाधिवक्ता ने साफ संकेत दिए थे कि सरकार मामले की अगली सुनवाई की तिथि तक इंतजार नहीं करेगी। इस मसले पर जल्द ही हाईकोर्ट में अपील दाखिल की जाएगी। हालांकि पांच जून के प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार सोमवार या मंगलवार को ही अपनी ओर से अपील दाखिल कर देगी, क्योंकि जून माह के दौरान हाईकोर्ट में गर्मियों की छुट्टियां भी इसी हफ्ते से शुरू होने वाली हैं।
इसके अलावा, सरकार की तेज कार्रवाई की एक वजह यह भी मानी जा रही है कि प्रस्तावित जाट आंदोलन से पहले सरकार आरक्षण के मुद्दे पर अपनी स्थिति मजबूत दिखाना चाहती है। सरकार जाट समुदाय को यह संदेश देना चाहती है कि आरक्षण के मुद्दे पर सरकार के फैसले में कोई बदलाव नहीं आया है। साथ ही, सरकार का कदम पांच जून से प्रस्तावित आंदोलन को शांत करने की एक कोशिश भी साबित होगा।
हरियाणा के महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन पहले ही साफ कर चुके हैं कि प्रदेश सरकार की ओर से जिस आधार पर जाटों समेत छह जातियों को आरक्षण दिया गया है, वह किसी तरह से कमजोर नहीं है और सरकार ने इस संबंध में जो कानून बनाया है, वह हर तरह की कानूनी राय और विचार-विमर्श के बाद ही तैयार किया गया है। महाजन का कहना है कि सरकार हाईकोर्ट द्वारा जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए तय की गई तारीख का इंतजार नहीं करेगी, बल्कि इससे पूर्व ही अपनी ओर से हाईकोर्ट में अपील दाखिल करेगी।