हरियाणा में जाटों समेत छह जातियों को विशेष पिछड़ा वर्ग के रूप में दिए गए आरक्षण के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई सात सितंबर तक टल गई है। हाईकोर्ट में शनिवार को सुनवाई के लिए लिस्ट हुए इस मामले को नियमित बेंच की जस्टिस लीजा गिल के अवकाश पर होने के कारण स्थगित कर दिया गया।
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की ओर से जाटों को आरक्षण दिए जाने के फैसले पर अंतरिम रोक लगा रखी है, जिसके खिलाफ हरियाणा सरकार द्वारा दायर की गई अर्जी पर सरकार की ओर से दलीलें भी पेश की जा चुकी हैं। फिलहाल, आरक्षण के पक्ष में इस केस में पार्टी बने विभिन्न संगठनों की ओर से अपना पक्ष रखा जा रहा है।
पिछली सुनवाई पर जाट सभा की ओर से दी गई दलीलों के आधार पर हाईकोर्ट ने विशेष पिछड़ा वर्ग के तहत लागू किए गए आरक्षण में क्रीमीलेयर की स्थिति के बारे में हरियाणा सरकार से अधिसूचना दाखिल करने को कहा गया था। 24 अगस्त को इस मामले पर सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से क्रीमीलेयर संबंधित अधिसूचना की प्रति हाईकोर्ट को सौंप दी गई थी, लेकिन जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने मामले की आगे सुनवाई 27 अगस्त के लिए तय कर दी थी।