फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाट आरक्षण आंदोलन: ईनाम की योजना भी काम नहीं आई, अब ये करने में जुटी एसआईटी

Wed, 16 Jan 2019 11:21 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
Jat reservation movement
विज्ञापन
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ सहित अन्य अपराधों के लिए दर्ज एफआईआर में से अनट्रेस करार दी गई 1105 एफआईआर की जांच में एसआईटी जुट गई है। एसआईटी ने अभी तक की जो जांच रिपोर्ट सौंपी है उसमें केवल योजना और प्रयासों का ही ब्योरा है कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है। साथ ही किसी बड़ी कामयाबी के न होने पर तीन साल की लंबी अवधि और तकनीकी कारणों पर ठीकरा फोड़ा गया है।
विज्ञापन


अमिताभ ढिल्लों की अध्यक्षता वाली एसआईटी की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि 1105 केस की जांच को चार भागों में बांटते हुए चार आईपीएस एसआईटी के सदस्य बनाए गए हैं। चारों ने अपनी टीम को चुन लिया है और जांच के लिए एसआईटी में कुल 37 अफसर शामिल हैं। आईपीएस मनीषा चौधरी को हिसार के 282 केस, आईपीएस प्रतीक्षा गोदारा को हांसी के 256, आईपीएस गंगा राम पुनिया को भिवानी 377 तथा आईपीएस वसीम अकरम को सिरसा के 288 केस जांच के लिए सौंपे गए हैं।

फिलहाल चारों कार्यालयों को 150-150 केस दिए गए हैं और वर्तमान में एसआईटी 600 केस की जांच कर रही है। साथ ही हिसार, हंसी, भिवानी और सिरसा के साइबर सेल को पर्याप्त तकनीकी सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं और बाकी केस 100 -100 के बेैच में सिस्टमेटिक तरीके से उठाए जाएंगे। रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने कुछ समय देने की मांग की है। हाईकोर्ट ने एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेते हुए सुनवाई 26 फरवरी तक स्थगित कर दी है।
विज्ञापन


सीबीआई से जांच की रिपोर्ट तलब
हाईकोर्ट ने सीबीआई से मुनक कनाल और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर की गई आगजनी और तोड़फोड़ के मामले की जांच से जुड़ी रिपोर्ट के बारे में पूछा तो सीबीआई ने कहा कि उन्हें रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कुछ समय दिया जाए। इसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को 26 फरवरी तक रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

लूटपाट के मामलों मे हो सकती है मुआवजे के लिए झूठी जानकारी

हाईकोर्ट को बताया गया कि आंदोलन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर आदि की लूटपाट के 38 मामले दर्ज किए गए थे। विक्रेता चुराए सामान का ईएमईआई नंबर दे देते तो चुराने वालों की जानकारी मिल सकती थी लेकिन 38 में से सिर्फ 2 मामलों में जानकारी मिली है। एसआईटी ने कहा कि संभावना है कि विक्रेताओं ने अधिक मुआवजा लेने के लिए झूठी जानकारी दी हो।

मेहम पुलिस थाने में लूटपाट का एक आरोपी पिस्तौल सहित गिरफ्तार
हाईकोर्ट को बताया गया कि दंगों के दौरान मेहम पुलिस थाने में की गई लूटपाट के मामले में जो एफआईआर दर्ज की गई थी उसमें एक आरोपी को पिस्तौल सहित गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे आगे पूछताछ की जा रही है । तय है कि उसे थाने से लुटे बाकी असलहे की जानकारी होगी।

हरियाणा पुलिस की वेबसाइट पर आरोपियों के फोटो, किसी ने नहीं की पहचान
एसआईटी ने बताया कि वीडियो, फोटो, सीसीटीवी फुटेज आदि से कुछ आरोपियों के फोटो निकाल कर हरियाणा पुलिस की वेबसाइट पर डाले गए हैं। इन फोटो वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी देने वालों को 10 हजार रुपये के ईनाम की घोषणा भी की गई है लेकिन अभी तक पहचान के लिए कोई सामने नहीं आया है। अब सिक्योरिटी एजेंट और स्थानीय पुलिस वालों से इन लोगों की पहचान का काम करवाया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें