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जाट आरक्षण बिल से संतुष्ट नहीं युवा, दोबारा आंदोलन करेंगे

Thu, 31 Mar 2016 02:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक।
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जाट आरक्षण के लिए आंदोलन - फोटो : amar ujala
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सरकार ने जाट आरक्षण बिल भले ही पास कर दिया हो, लेकिन जाट समाज के युवा इससे संतुष्ट नहीं है। जाट एकता युवा मंच ने जाट आरक्षण ड्राफ्ट को सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। साथ ही जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मुकदमों को भी खत्म करने के नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की। अब ऐसे में जाट एकता युवा मंच इन मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन शुरू कर सकता है। आंदोलन की रणनीति तैयार करने को लेकर 2 अप्रैल को जाट भवन में प्रदेश भर के जाट युवा एकजुट होंगे। वहीं खुफिया विभाग भी जाटों की हर रणनीति पर नजर रखे हुए है।
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बुधवार को जाट भवन में जाट एकता युवा मंच की बैठक हुई। इस दौरान जाट आरक्षण बिल का ड्राफ्ट सार्वजनिक करने की मांग उठी। इससे ड्राफ्ट पर समाज और कानूनी लोगों की राय ली जाएगी और यह देखा जाएगा कि सरकार के इस बिल से फायदा हुआ है या नुकसान होगा। साथ ही कोर्ट में जाना पड़ा तो उसके लिए पहले से तैयारी की जा सके। इसके अलावा मांग रखी गई कि जिस तरह से पंजाब में एसवाईएल को लेकर विधानसभा में तुरंत नोटिफिकेशन जारी किया गया। उसी तरह से हरियाणा विधानसभा में सरकार एक नोटिफिकेशन जारी करे, जिसमें जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए सभी मुकदमों को खत्म किया जा सके। जाट एकता युवा मंच अभी आरक्षण को लेकर संतुष्ट नहीं है।

अब 2 अप्रैल को जाट भवन में जाट एकता युवा मंच की प्रदेशभर की मीटिंग बुलाई गई है। उस मीटिंग में एक-दो हजार तक युवा पहुंचने का दावा भी किया गया है। इस मीटिंग में आगे के आंदोलन के लिए कड़ा फैसला लेने की बात भी कही गई है। इस दौरान नवीन मलिक, विनीत धनखड़, सतीश राणा, जुगनू बोहर, वीरेंद्र हुड्डा, योगेश अहलावत, वैभव दहिया, पावेल बालियान, धर्मा आदि मौजूद रहे।
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लोगों में है शोक, सीएम को लोग लड्डू खिला रहे

मनोहर लाल खट्टर, ह‌रियाणा के मुख्‍ययमंत्री - फोटो : amar ujala
विधानसभा में जाट आरक्षण बिल पास होने के बाद सीएम मनोहर लाल खट्टर को लड्डू खिलाने वाले जाट नेताओं पर भी युवाओं का गुस्सा भड़का है। युवा जाट नेता नवीन मलिक, विनीत धनखड़ का कहना है कि आरक्षण आंदोलन के दौरान मरने वालों की चिताए अभी ठंडी भी नहीं हुई हैं और कुछ लोग सीएम को लड्डू खिला रहे हैं। उन लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि इस आरक्षण की लड़ाई में समाज ने बहुत कुछ खोया है।

मरने वाले सभी के परिजनों को मिले चेक
जाट एकता युवा मंच ने मांग रखी कि सरकार की ओर से ऐसे कुछ परिवारों को मुआवजे का चेक दिया गया है, जिनके यहां से आंदोलन के दौरान मौत हुई है। लेकिन जल्द ही सरकार को सभी मरने वालों को चेक देने चाहिए, चाहे वह किसी भी जाति से ताल्लुक रखते हों। चेक देने में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और चाहे किसी की गोली लगने से भी मौत हुई है।

जाटों की हर गतिविधि पर खुफिया विभाग की नजर
इस समय जाटों की हर गतिविधि पर खुफिया विभाग की नजर टिकी हुई है। इसका इसी बात से पता चलता है कि जाट एकता युवा मंच ने आरक्षण बिल पास होने के बाद भी बुधवार को जाट भवन में बैठक करने लगे तो वहां खुफिया विभाग कर्मियों का जमावड़ा लग गया। युवा जाट नेताओं का कहना है कि उसके बाद वहां पुलिस कर्मी पहुंचे और धरने पर बैठे युवाओं की तलाशी ली गई। जाट भवन के अंदर भी खुफिया विभाग कर्मियों ने पूरी छानबीन की और इस तरह की कार्यप्रणाली को लेकर युवाओं में रोष है।
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