हरियाणा सरकार ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान विवादित बयान देने वाली कैथल की एसडीएम मनदीप कौर को सस्पेंड कर दिया है। मनदीप कौर को 20 दिन पहले राज्य सरकार ने एसडीएम के पद से हटा दिया था। तब से उन्हें नई पोस्टिंग नहीं दी गई थी।
राज्य सरकार को मनदीप कौर का वह विवादित वीडियो मिला था, जिसमें वे आंदोलनकारियों के समर्थन में बोलती दिखाई दे रही हैं। राज्य सरकार हालांकि उन्हें पहले ही निलंबित करना चाहती थी, लेकिन पहले पूरे मामले की विभागीय जांच कराई गई। जांच में एसडीएम पर लगे आरोप साबित हो जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई गई है।
राज्य सरकार जाट आंदोलन में विवादित भूमिका के चलते दो डीएसपी को पहले ही निलंबित कर चुकी है। कई अधिकारियों के तबादले किए जा चुके हैं। अधिकारियों के विरुद्ध धीमी चाल से हो रही कार्रवाई से भाजपा विधायक भी नाराज हैं।
राज्य सरकार उनके विरुद्ध कार्रवाई में जल्दबाजी के बजाय विभागीय रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करना चाह रही है। जाट आंदोलन के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रहे पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की रिपोर्ट के आधार पर कई अफसरों का नपना तय है।
मनदीप कौर ने यह दिया था विवादित बयान
आज सभी यह प्रोमिस करिए कि आरक्षण को वेस्ट नहीं होने देंगे हम। हमारे बच्चे उसका लाभ जरूर लेंगे। ये न हो कि अब आरक्षण के लिए हमने इतनी लड़ाई लड़ी है, वह वेस्ट चला जाए और वो किसी ओर समुदाय को मिल जाए। इस बात का खास ख्याल रखना आप।
हमारे बच्चे पढ़ें, मेरा कोई छोटा भाई आए और वह इस आरक्षण का लाभ उठाए। मुआवजा मिला है, 10 लाख रुपये, हमारा यही टारगेट रहा है कि कैथल में ऐसी कोई घटना न हो कि किसी बच्चे का नुकसान हो, इसका हमने खास ख्याल रखा है।